रामसर साइट सूर सरोवर पक्षी विहार के पूरे 799 हेक्टेयर क्षेत्र के चारों ओर एक किलोमीटर का ईको सेंसिटिव जोन घोषित कराने की तैयारी की जा रही है। प्रस्ताव पर जल्द ही एनजीटी में शपथपत्र दाखिल किया जाएगा, जिससे निर्माण, अतिक्रमण और प्रदूषणकारी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।
रामसर साइट सूर सरोवर पक्षी विहार की एक किमी. परिधि में ईको सेंसिटिव जोन का प्रस्ताव है। इस कदम से पक्षी विहार के आसपास अनियंत्रित निर्माण, अतिक्रमण और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लग सकेगा। पूर्व में ईको सेंसिटिव जोन शून्य करने पर एनजीटी ने वन विभाग को कड़ी फटकार लगाई थी।
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रेंजर अंकित यादव ने बताया कि वर्ष 2024 में सूरदास रिजर्व फॉरेस्ट की 385 हेक्टेयर भूमि को सेंक्चुअरी का हिस्सा माना जा चुका है। 14.5025 हेक्टेयर भूमि को धारा-26 के तहत अधिसूचित कराने की कार्रवाई भी हो चुकी है, जिसकी अधिसूचना लखनऊ से होनी है। यहां से प्रस्ताव भेजा जा चुका है। एक किलोमीटर का ईको सेंसिटिव जोन घोषित होने के बाद सूर सरोवर के आसपास खनन, बड़े निर्माण कार्य, प्रदूषणकारी गतिविधियों और भू उपयोग में अनियंत्रित बदलाव पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी।
राष्ट्रीय चंबल सेंक्चुअरी प्रोजेक्ट की डीएफओ चांदनी सिंह ने बताया कि सूर सरोवर पक्षी विहार के 403 हेक्टेयर के चारों ओर पहले से ही 1 किलोमीटर ईको सेंसिटिव जोन घोषित है। 799 हेक्टेअर के चारों ओर ईको सेंसटिव जोन घोषित कराने के लिए जिला स्तरीय कार्रवाई प्रचिलित है।