सलेमपुर में पाबंदी के बावजूद शुक्रवार को पहुंचे ग्रामीणों से हिंसक हड़प के बाद अब पुलिस की निगाहें 13 जनवरी पर टिकी हैं।
लड़की के परिजन सलेमपुर महापंचायत से एक दिन पहले इसे स्थगित करने की घोषणा की थी और 13 जनवरी को रुड़की में ही पंचायत करने का ऐलान किया था।
पुलिस की बर्बर कार्रवाई के बाद अब लोगों में गुस्सा भी है, ऐसे में सोमवार को प्रस्तावित महापंचायत में सहारनपुर से भी बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच सकते हैं।
उधर, पुलिस रुड़की की प्रस्तावित पंचायत में शामिल होने वाले नेताओं की शिनाख्त में जुटी हुई है।
उत्तराखंड प्रशासन भी सहारनपुर के अधिकारियों के संपर्क में है। अब इस मामले को शांत करना पुलिस-प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
प्रेम प्रसंग के मामले में भड़की हिंसा
प्रेम प्रसंग के मामले में युवती की बरामदगी के लिए सलेमपुर में महापंचायत का ऐलान किया गया था। प्रशासन ने उसे रोकने के लिए भारी पुलिस फोर्स तैनात कर गांव की सीमाओं को सील कर दिया था।
बावजूद इसके करीब 250 लोग वहां पहुंच गए थे। इससे गुस्साई पुलिस ने बर्बरतापूर्वक उन पर लाठीचार्ज कर दिया था। पुलिस की बर्बर कार्रवाई से हिंदू संगठनों के साथ ही राजनीतिक दलों में रोष है।
ऐसे में अब रुड़की में होने वाली पंचायत में यहां से लोग शामिल होकर इस पूरे मामले को हवा देने की तैयारी में हैं। हालांकि पुलिस उन लोगों की शिनाख्त में जुटी है, जो लोग रुड़की जाने की तैयारी में हैं।
गौरतलब है कि सलेमपुर की युवती ने रुड़की में दूसरे समुदाय के युवक से प्रेम विवाह कर लिया था। इसी मामले को लेकर उत्तराखंड से लेकर सहारनपुर तक बवाल मचा हुआ है।
इस मामले में एसपी देहात डा. धर्मवीर सिंह का कहना है कि सलेमपुर में गड़बड़ी की कोशिश करने वालों की तलाश हो रही है। उत्तराखंड प्रशासन हमसे संपर्क में है और हम हरसंभव मदद करेंगे।
सलेमपुर प्रकरण में बसपा भी हुई मुखर
नागल के सलेमपुर में हुए लाठीचार्ज को लेकर बसपा भी मुखर हो गई है। पार्टी सांसद और विधायकों ने शनिवार को डीएम और एसएसपी से मिलकर निर्दोष लोगों को जेल नहीं भेजे जाने की मांग की।
सपा सांसद और विधायकों ने कहा कि बसपा शासन में प्रदेश में कानून का राज था, जबकि सपा सरकार में गुंडाराज कायम है।
उन्होंने कई घटनाओं का जिक्र करते हुए नंदपुर के पूर्व प्रधान लक्ष्मण के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग भी की।