फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दंगा: बर्बादी तक नहीं पहुंच रहे ‘सरकारी कदम’

Thu, 19 Sep 2013 01:42 AM IST
अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर हिंसा की आंधी में उजड़ गए खेत-खलियानों से अभी तक प्रशासन अनभिज्ञ है। सरकारी कदम बर्बादी का मंजर देखने के लिए किसानों तक नहीं पहुंच सके। बेबसी के आंसू रो रहे किसानों की सुध लेने वाला भी कोई नहीं है।
विज्ञापन


सात सितंबर की रात से शुरू हुई हिंसा में कितनी जानें गईं, कितना नुकसान हुआ और कितने घायल हुए, इसका प्रशासन के पास सही आंकड़ा नहीं है। अभी भी कई ऐसे इलाके हैं, जहां प्रशासन की नजरें नहीं पड़ी हैं।

उन्मादियों ने जनहानि के अलावा फसलों, खेत-खलियान, कृषि संसाधनों को भी निशाना बनाया।
दंगे से घर में दुबके लोगों को माहौल सुधरने के बाद ही अपने नुकसान का पता चला। पुलिस और प्रशासन को सूचना भी दी गई, लेकिन किसी ने मौका-मुआयना तक नहीं किया।
विज्ञापन


बुढ़ाना में कई लोगों की गन्ने की फसल को आग के हवाले कर दिया गया, बिटौड़े जला दिए गए। फुगाना में ट्यूबवेल नष्ट कर दिए गए। न्याजूपुरा में फसलें उजाड़ दी गईं।

तोड़ दिए गए सबमर्शिबल
फुगाना में आठ किसानों के सबमर्शिबल ट्यूबवेल नष्ट कर दिए गए। किसान चंद्रवीर, कृष्णपाल, धारा, हरपाल, चरणसिंह, अकल सिंह, ओमपाल और राजेंद्र को करीब 25 लाख की चपत लगी है। जिनका आरोप है कि सूचना के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी उनके यहां नहीं पहुंचे।

लगा दी गई आग
दंगाइयों ने बुढ़ाना के तहसील परिसर के पीछे के खेतों को आग के हवाले कर दिया। लक्ष्मीचंद, आत्माराम सैनी, नरेश त्यागी, जनेश्वर सैनी और प्रमोद सैनी की गन्ने की फसल को आग लगा दी गई। मौके से मिट्टी के तेल की बोतलें बरामद हुई हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें