आरुषि-हेमराज मर्डर केस में सीबीआई विशेष कोर्ट ने राजेश और नूपुर तलवार को झटका देते हुए सिर्फ दो दिन के लिए एनसीआर छोड़ने की मोहलत दी है।
जबकि तलवार दंपति ने हाईकोर्ट जाने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था।
इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपियों के 313 के बयानों के लिए 17 मई की तारीख तय कर दी है। कोर्ट ने आरोपियों को चेतावनी भी दी है कि अगर 17 तारीख को दोनों बयानों के लिए नहीं आते हैं तो उनकी जमानत खारिज कर दी जाएगी।
दोहरे हत्याकांड के आरोपी तलवार दंपति ने विगत 6 मई को अभियोजन पक्ष के 14 गवाहों को कोर्ट में तलब किए जाने को अर्जी दी थी। इनमें सीबीआई के तत्कालीन ज्वाइंट डायरेक्टर अरुण कुमार भी शामिल हैं।
सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल ने इस अर्जी को खारिज कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ डिफेंस ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की थी।
13 मई को सुप्रीम कोर्ट ने भी इस अर्जी को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि डिफेंस पहले हाईकोर्ट जाए।
इस पर सोमवार को ही डिफेंस ने कोर्ट में अर्जी देकर हाईकोर्ट जाने के लिए एनसीआर छोड़ने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था।
अभियोजन की ओर से सीनियर पीपी वीके शर्मा और बीके सिंह ने इसका कड़ा विरोध किया था। मंगलवार दोपहर को विशेष न्यायाधीश एस. लाल ने डिफेंस की अर्जी पर फैसला सुनाते हुए एक सप्ताह का समय देने से इंकार कर दिया।
कोर्ट ने आरोपियों को सिर्फ दो दिन की मोहलत दी है। इसके साथ ही न्यायाधीश ने आरोपियों को कड़ी चेतावनी भी दी है।