लखनऊ । राजधानी में बिजली संकट तो आम हो चला है लेकिन दुबग्गा, फतेहगंज और बालाघाट उपकेंद्र से पोषित इलाकों में यह समस्या कुछ ज्यादा ही विकराल होती जा रही है। ट्रांसफार्मर जलने व हाईटेंशन लाइन टूटने की घटनाएं और इन्हें लेकर होने वाला बवाल यहां अब रोज की बात हो गई है। विडंबना यह है कि जो इसके लिए जिम्मेदार हैं हंगामा व बवाल करने में वही आगे होते हैं। दरअसल इन इलाकों में बिजली चोरी का खुला खेल जारी है और यह सब हो रहा है उपकेंद्र कर्मियों की साठगांठ के चलते। यहां हर दूसरा उपभोक्ता कटिया डाल बिजली जला रहा है।
फतेहगंज उपकेंद्र के डिप्टी खेड़ा, मोनार्क सिटी, पिंक सिटी, एवनसिटी, जानकी विहार, राम विहार, बादशाहखेड़ा, मुनेश्वरपुरम, सरोसा, भरोसा, फतेहगंज, नरौना, पतौरा एवं मोहान रोड, दुबग्गा उपकेंद्र के रिंग रोड, बुद्वेश्वर विहार, कनकसिटी, बरीकला, बरावन कला, भूहर, लालाबाग, रमना एवं खास दुबग्गा और बालाघाट के एकतानगर, कैम्पवेल रोड, रस्तोगीनगर, सरफराजगंज, आजादनगर आदि इलाकों में धड़ल्ले से बिजली चोरी हो रही है। इनमें दो तरह के बिजली चोर हैं। एक वह जो दबंगई से एलटी लाइन पर कटियाबाजी कर रखी है। दूसरे वह जो उपकेंद्र कर्मियों से साठगांठ करके स्थाई रूप से केबल को फंसा रखा है। इसी के चलते आए दिन ट्रांसफार्मर ओवर लोड होकर दम तोड़ देता है।
हर दूसरा कनेक्शन अवैध
इलाके के लोगों ने बताया कि एक ट्रांसफार्मर से 500 कनेक्शन जुड़े हैं। उनमें एक वैध तो दूसरा अवैध है। लोगों की माने तो लेसा के वैध कनेक्शन धारक की बिजली चली जाए तो पहले उपकेंद्र पर शिकायत दर्ज करानी पड़ती लेकिन बिजली चोरों की आपूर्ति में व्यवधान आता तो उनकेसंरक्षण देने वाले कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचकर उसका निराकरण करते हैं। लोगों ने यह भी बताया कि यह बिजली चोरी घर में ही नहीं दुकानों में भी धड़ल्ले से जल रही, जिसकेएवज में इलाकाई कर्मचारी हफ्ता लेकर जाते हैं। जब कभी बिजली चोरी का छापा पड़ने वाला होता तो ऐसे कर्मचारी ही सूचना को लीक कर देते हैं।
ओवरलोडिंग की भेंट चढ़े
ओवर लोडिंग के चलते जुलाई में ही 15 से अधिक ट्रांसफार्मर भेंट चढ़ चुके हैं। इनमें 250 से 400 केवीए के ट्रांसफार्मर हैं। यह ट्रांसफार्मर फतेहगंज के अमेठिया, डिप्टीखेड़ा, बरदही, कांशीराम कॉलोनी, राम विहार, पारा गांव और बालाघाट उपकेंद्र के यासीनगंज, आजाद नगर कॉलोनी, कैम्पवेल रोड, जाफरी कॉलोनी के जले हैं। इनमें से कई इलाकों में तो दो-दो और तीन-तीन बार तक ट्रांसफार्मर जल चुके हैं।