लखनऊ। वीरांगना अवंतीबाई (डफरिन) अस्पताल में डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराज परिवारीजन ने खूब हंगामा किया। पहले अपना सिर ईंट से फोड़ लेने की धमकी थी औरउसके बाद छत से कूदने की धमकी देने लगा। अन्य मरीजों के साथ मौजूद तीमारदारों ने उसे समझाबुझाकर शांत कराया। इसके बाद सीएमएस ने मरीज को क्वीन मेरी रेफर किया गया। जब जाकर हंगामा शांत हुआ।
हसनगंज उन्नाव निवासी दिलशाद मंसूरी ने गर्भवती पत्नी रूबीना को नौ जुलाई को डफरिन अस्पताल में भर्ती कराया था। 15 दिन से भर्ती होने के बावजूद रुबीना को प्रसव नहीं हुआ। जबकि उसे दोबारा लेबर रूम में भी ले जाया गया था। प्रसव क्यों नहीं हो रहा इसकी जानकारी डॉक्टरों ने रुबीना के घरवारों को नहीं दी। पत्नी की हालत देखकर परेशान दिलशाद ने बृहस्पतिवार को अस्पताल में हंगामा मचाना शुरू कर दिया। उसने पहले तो ईंट से सिर फोड़ लेने की धमकी और फिर छत से कूदने के लिए भागा। उसकी इस हरकत से अस्पताल में हड़कंप मच गया। सभी लोग उसे पकड़ने दौड़े। किसी तरह अन्य मरीजों के परिवारीजनों और गार्डोँ ने उसे काबू किया। दिलशाद का कहना था कि डॉक्टर पूरी बात सही से नहीं बता रही हैं। एक के बाद एक दिन प्रसव कराने का दिन बढ़ाती जा रही है। उसने बताया कि सभी तरह की जांचें हो चुकी हैं। खून भी मंगा लिया गया है, लेकिन प्रसव में लगातार देरी हो रही है। उधर सीएमएस डॉ.सुबोध वैद्य का कहना है कि रूबीना को फेफडे़ की बीमारी है। इसके अलावा गर्भस्थ शिशु भी सही स्थिति में नहीं है। सर्जरी जटिल है इसलिए रुबीना को क्वीन मेरी अस्पताल रेफर किया गया है। उन्होंने कहा कि लापरवाही की बात गलत है। डॉक्टर रुबीना की गंभीर स्थिति को देखते हुए ऑपरेशन टाल रही थीं।