डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल के साथ एक और उपलब्धि जुड़ने जा रही है।
सिविल प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल होगा जहां पीडियाट्रिक आईसीयू (बाल गहन चिकित्सा कक्ष) की सुविधा होगी। अभी तक किसी भी सरकारी अस्पताल में ये सुविधा नहीं है।
इससे पहले सिविल अस्पताल में प्रदेश की पहली कैथ लैब भी लगाई गई थी। जिसमें दिल की धमनियों में होने वाले वसा का जमाव एंजियोग्राफी से देखा जा सकता है।
सिविल अस्पताल के तीन मंजिला नए भवन को बाल रोग विभाग के रूप में डेवलप किया जाएगा। ये पहला विभाग होगा, जहां पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) एवं नियोनेटल केयर यूनिट (एनआईसीयू) तैयार की जा रही हैं।
अभी तक पूर्ण विकसित पीआईसीयू और एनआईसीयू सिर्फ केजीएमयू में ही है। सीमित बेड होने के कारण वहां से मरीजों को आए दिन वापस किया जाता है।
इस नई यूनिट से बच्चों के इलाज में कुछ राहत मिल सकेगी। अस्पताल के सीएमएस डॉ.एस के हसन ने बताया कि अस्पताल में सात बाल रोग विशेषज्ञ हैं। चिकित्सकों की कमी नहीं होगी।
आईसीयू के लिए जरूरी उपकरणों व अन्य संसाधनों का प्रस्ताव भी बनाकर दे दिया गया है।