लखनऊ। बीकेटी तहसील में बुधवार की दोपहर नायब तहसीलदार इटौंजा पर सुविधा शुल्क लेकर मनमाने ढंग से आदेश करने और विरोध करने पर पत्रावली फेंकने का आरोप लगाते हुए वकीलों ने जमकर हंगामा किया। वकीलों ने तहसील के सभी कार्यालयों में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी। साथ ही तहसीलदार व एसडीएम को ज्ञापन देकर नायब तहसीलदार को हटाने और उनके द्वारा किए गए मनमाने आदेश को निरस्त करने की मांग की। वहीं, दूसरी ओर नायब तहसीलदार पंकज कुमार ने वकीलों के आरोपों को गलत बताया है।
बीकेटी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष मिश्र व महामंत्री महेश प्रसाद ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि वकील सुधीर कुमार गुप्ता व अमरेन्द्र कुमार ने नायब तहसीलदार पंकज कुमार की कोर्ट में जनवरी 2013 में एक वाद दाखिल किया था। इस वाद में बुधवार की तारीख नियत थी। नायब तहसीलदार इटौंजा ने एक पक्ष से 50 हजार रुपये की सुविधा शुल्क लेकर 31 मई को मनमाने तरीके से आदेश कर दिया और पत्रावली में लगा वकील का हलफनामा, आपत्ति फाड़कर फेंक दी। बुधवार को तारीख होने के चलते जब वकील कोर्ट में गए तो पता चला कि इस पत्रावली में तो आदेश हो गया है। वकील ने जब पत्रावली निकलवा कर देखी तो वह आश्चर्यचकित रह गया। वकील ने जब नायब तहसीलदार से शिकायत करते हुए विरोध दर्ज कराया तो नायब तहसीलदार इटौंजा ने वकील से अभद्रता कर पत्रावली फेंक दी। इससे नाराज बीकेटी बार एसोशिएसन के वकीलों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने वकीलों को किसी तरह से समझा कर शांत किया। वकीलों ने एसडीएम एसके भटट, तहसीलदार राजेश श्रीवास्तव को ज्ञापन नायब तहसीलदार इटौंजा को तत्काल हटाने व आदेश को वापस लेने की मांग की है।