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नहीं थम रहा दलालों का खेल, फिर धरे 54 यात्री

Thu, 20 Jun 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के अफसरों ने कुशीनगर एक्सप्रेस व गोरखपुर-एलटीटी में बुधवार को भी चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 54 यात्रियों को बिना टिकट दबोचा। इन यात्रियों के नाम बर्थ तो बुक थी, लेकिन दलाल उन तक टिकट नहीं पहुंचा सके थे। जांच टीम ने ऐसे सभी यात्रियों को ट्रेन से उतारने के साथ ही जुर्माने के रूप में 47,870 रुपये वसूले। जबकि इन्हीं दोनों ट्रेनों में सामान्य जांच में 429 अन्य यात्रियाें अलग-अलग मामलों में पकड़ा गया। अभियान के दौरान कुल 2,30,210 रुपये जुर्माना वसूला गया।
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पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक राधोश्याम के निर्देश पर टीम लगातार जांच अभियान चला रही है। इस दौरान पकड़े गए यात्रियों ने खुलासा किया कि टिकट गोंडा, बस्ती, मनकापुर व गोरखपुर स्थित ट्रैवल एजेंटाें के माध्यम से बनवाये गये थे। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारी के साथ ही दलालों के नंबर भी रेलवे टीम को मिले हैं। वाणिज्य निरीक्षक एमपी सिंह ने बताया कि स्लीपर श्रेणी में 54 यात्रियाें ने ई-टिकट के फार्मेट में छेड़छाड़ कर टिकट निकाले थे। जबकि इनके टिकट तत्काल के थे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मुंबई के अधिकारी अभी तह तक नहीं पहुंच पाये हैं। वहीं वाणिज्य अधिकारियों ने पॉलीटेक्निक स्थित शुभम सर्विसेस का लाइसेंस को निरस्त करने के लिए आईआरसीटीसी के अधिकारियों को लिखा है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि संबंधित ट्रैवल एजेंट आईआरसीटीसी से अधिकृत है।

पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के अधिकारी नियमित रूप से ट्रेनों में छापा मारकर कार्रवाई कर रहे हैं। तकरीब रोज ही दर्जनों बेटिकट यात्री पकड़कर हजारों रुपये जुर्माना वसूला जा रहा है। बावजूद इसके आरपीएफ व जीआरपी हाथ पर हाथ धरे बैठी है। आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी उन ट्रैवल एजेंटों पर भी हाथ डालने से घबरा रहे हैं, जिनका नाम सामने आ चुका है। इसी के चते पॉलीटेक्निक स्थित शुभम सर्विसेस धड़ल्ले से लखनऊ के यात्रियों का मुंबई से टिकट निकलवा रहा है। वहीं, आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी एक सप्ताह में बड़े खुलासे की बात कह मामले को टाल रहे हैं। यही नहीं आरक्षण केंद्र के इर्द गिर्द आरपीएफ ने ऐसे ट्रैवल एजेंटाें को शरण दे रखी है। रेलवे के वाणिज्य विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो आरपीएफ के सख्ती न करने से ही दलालाें के हौसले बुलंद है। इसकी पुष्टि चार दिन पहले अलग-अलग स्टेशनों से दलालों के पकड़े जाने से हो चुकी है। रेल कर्मियाें की मदद से लखनऊ जंक्शन, गोंडा व बाराबंकी से तीन दलाल पकड़े गये थे। इनसे पूछताछ तो दूर इन पर रेलवे एक्ट के तहत हल्की धाराएं लगाकर मामला चलता कर दिया गया। इसी तरह ट्रेन संख्या 05031 में आई खान, आर खान और हामिद नामक यात्रियों को बिना टिकट पकड़ा गया था। तीनों ने ने गुजरात के सिराय स्टेशन से टिकट बनवाया था। लेकिन टिकट न मिलने पर तीनाें ई-टिकट निकाल बर्थ नंबर व नाम लिख लिया था। चारबाग स्टेशन पर पकड़े गये इन यात्रियों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। पोस्ट प्रभारी ने बताया कि यात्री गोंडा से बैठे थे, इसलिये गोंडा में कार्रवाई होगी। आरपीएफ इन यात्रियाें से पूछताछ कर ट्रैवल एजेंट तक और ट्रैवल एजेंट के जरिये मुंबई में बैठे दलालाें तक पहुंच सकती थी। लेकिन आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कोई रुचि न लेने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया। दलालों पर नकेल लगाने और रेल सुरक्षा बल का सकारात्मक रुख न होने को लेकर वाणिज्य अधिकारी पूरे मामले को लेकर पत्र आरपीएफ कमानडेंट और जीआरपी एसपी को पत्र लिखा है। वाणिज्य अधिकारियों ने आरपीएफ व जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसे दलालों पर अंकुश लगानेे और मुख्य आरोपी को पकड़वाने में मदद की बात कही है।
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मुंबई में अफसरों की नाक के नीचे बन रहे टिकट
रेलवे की टीम ने छानबीन में खुलासा किया है कि ज्यादातर तत्काल टिकट मुंबई के वरिष्ठ अफसरों के कार्यालय में स्थित आरक्षण केंद्रों से बने हैं। बावजूद इसके अभी तक मुंबई के सारे अफसर कोई भी कार्रवाई नहीं कर सके हैं। लखनऊ से मिली जानकारी के अनुसार कुशीनगर एक्सप्रेस 18 जून को स्लीपर के 32 टिकट मुंबई के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक का कार्यालय स्थित आरक्षण केंद्र से बने थे। इसी तरह चर्च गेट जहां सेंट्रल मुंबई का मुख्यालय, जहां महाप्रबंधक बैठते हैं वहां से 12 टिकट तत्काल के निकाले गये। इसी तरह 28 स्लीपर टिकट बीसीटी स्टेशन, अंधेरी मुंबई से 16, कल्याण से 16, दादर स्टेशन से 20 टिकट निकाले गये। उधर एलटीटी गोरखपुर एक्सप्रेस के चार टिकट पोस्ट आॅफिस, थर्ड एसी के चार टिकट एलटीटी और 75 स्लीपर के तत्काल टिकट वापी स्थित आरक्षण केंद्र से निकाले गये।
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