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फिल्म देखकर ड्राइवर बना चोर, एक साल में बनाया 60 घरों को निशाना

Fri, 31 May 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। साउथ की एक्शन फिल्म ‘पांच हम और एक तीन’ देखकर एक ऑटो चालक जरायम की दुनिया में उतर गया। इसके बाद उसने एक साल में ताबड़तोड़ 60 बंद घरों में सेंध लगाकर लाखों का माल पार कर दिया। फिल्म देखकर चोर बने इस ऑटो चालक को बुधवार रात इंदिरानगर पुलिस ने दबोच लिया। उसके पास से 60,000 रुपए से अधिक के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। आरोपी ने अपना जुर्म कुबूलते हुए बताया कि वह चोरी के जेवरात बाराबंकी के सराफा व्यवसायी को बेचता था। पुलिस ने सराफा व्यवसायी की तलाश में छापेमारी की, लेकिन व्यापार मंडल के हस्तक्षेप के चलते वह भाग निकला। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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सीओ गाजीपुर विशाल पांडेय के मुताबिक, मुखबिर की सूचना पर बुधवार रात वाहन चेकिंग के दौरान इटौंजा के महोना निवासी ऑटो चालक अनिल को दबोच लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि टीवी पर साउथ की एक्शन फिल्म ‘पांच हम और एक तीन’ देखकर वह चोर बन गया और एक साल में लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर समेत आसपास के जनपदों में वारदात कर 60 घरों को निशाना बनाया। अनिल ने खुलासा किया कि चोरी के जेवरात को बाराबंकी के आजादनगर निवासी सराफा व्यवसायी विजय को बेचता था। पुलिस ने विजय की तलाश में छापेमारी की। इस दौरान व्यापार मंडल के हस्तक्षेप के चलते वह भाग निकला। पुलिस ने अनिल की निशानदेही पर एक सोने का मंगलसूत्र, लॉकेट, सोने की अंगूठी, एक जोड़ी सोने का झुमका, नौ जोड़ी चांदी की पायल, दो जोड़ी चांदी की बिछिया और एक चांदी का गुच्छा बरामद किया है। अनिल के पिता का देहावसान हो चुका है।

फिल्म में पांच चोर दोस्तों की कहानी
बारहवीं पास अनिल ने बताया कि ‘पांच हम और एक तीन’ फिल्म में पांच दोस्तों की कहानी है, जो मिलकर चोरियां करते हैं और वारदात के बाद हाई-प्रोफाइल क्लब, पब और होटलों में मौजमस्ती करते हैं। हालांकि बाद में पांचों मुठभेड़ में मार दिए जाते हैं।
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पब, क्लब और पांच सितारा होटलों में करता था मौजमस्ती
पुलिस ने बताया कि अनिल चोरी के रुपए से मौजमस्ती करता था। वह अक्सर पब, नाइटक्लब व पांच सितारा होटलों में ठहरता था। फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने में माहिर अनिल किसी को भी अपने शब्दों के जाल में फंसा लेता था। उसकी कई गर्लफ्रेंड भी हैं। अनिल को महंगे व ब्रांडेड कपड़े, जूते और चश्मा पहनने का शौक है। वह लेदर का महंगा कैरी बैग लेकर चलता था। इसमें चोरी के सामान होते थे।
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