लखनऊ। फर्जी पासपोर्ट के जरिए लखनऊ से सऊदी अरब जा रहे दो संदिग्धों को बीओआई (ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन) ने बुधवार की शाम चेकिंग के दौरान अमौसी एयरपोर्ट पर धर लिया। आरंभिक पड़ताल में पता चला कि दोनों बांग्लादेश के रहने वाले हैं और नौकरी के लिए सऊदी अरब जा रहे थे। बीओआई ने दोनों के पासपोर्ट व वीसा जब्त कर लिए हैं। देर रात तक खुफिया एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही थीं। यह जानकारी की जा रही है कि किसी आतंकी संगठन से तो इनके तार नहीं जुड़े हैं।
बुधवार शाम करीब पौने पांच बजे सऊदी अरेबियन एयर लाइंस की फ्लाइट (एसबी895) अमौसी एयरपोर्ट पर उड़ान भरने की तैयारी कर रही थी। फ्लाइट से जाने वाले यात्रियों की इमिग्रेशन काउंटर पर चेकिंग चल रही थी। इस दौरान जांच अधिकारियों को दो लोगों पर शक हुआ। उनके पासपोर्ट चेक किए गए। गहनता से पड़ताल की गई तो पता चला कि पासपोर्ट में नाम, पता व फोटो फर्जी लगा है। दरअसल असली पासपोर्ट किसी हिंदू के नाम पर है। उसमें फर्जीवाड़ा करके मुस्लिम धारक का नाम पता व फोटो लगा दी गई थी। इसी तरह दूसरे संदिग्ध के पासपोर्ट पर भी नाम पते व फोटो फर्जी निकले। ब्यूरो आफ इमिग्रेशन के अधिकारियों ने तत्काल ही दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। उनकी पहचान बांग्लादेश के दौलतपुर निवासी हसन मोहम्मद और बाबूचंद्र शील के रूप में हुई। पूछताछ में दोनों ने बताया कि एजेंट के जरिए उनको सऊदी अरब में नौकरी मिली है। एजेंट ने बांग्लादेश से सीमा पार कराकर उन दोनों को कोलकाता भेजा। फिर वहां से उनको ट्रेन के जरिए लखनऊ लाया गया। इस दौरान उनकी कहीं चेकिंग नहीं हुई। दोनों को अमौसी एयरपोर्ट से बुधवार शाम फ्लाइट पकड़कर सऊदी अरब जाना था। एजेंट के लोग उनको एयरपोर्ट के बाहर छोड़कर चले गए। लेकिन वे फ्लाइट से उड़ान भरते इससे पहले बीओआई ने दोनों को धर लिया। बीओआई ने पहले कई घंटों तक संदिग्धों से अलग-अलग पूछताछ की। इसके बाद उनके पकड़े जाने की सूचना स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) को दे दी। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या उनके साथ अन्य लोग भी आए हैं। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि किसने और कैसे उन्हें बांग्लादेश से कोलकाता तक पहुंचाया। वे लोग कहां रुके।