लखनऊ। मवैया पुल के नीचे बारिश में होने वाले जलभराव से निजात की उम्मीद जगी है। दशकों पुरानी इस समस्या को दो करोड़ से अधिक रकम खर्च कर दुरुस्त कराया जाएगा। इस संबंध में प्रस्ताव को मंडलायुक्त की मंजूरी मिल गई है। मई में इस कार्य के लिए टेंडर करा काम शुरू करा दिया जाएगा। मवैया के साथ ही शहर में कई अन्य स्थानों पर भी जल निकासी के लिए 28 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सभी कार्य 13वें वित्त आयोग से मिली राशि से होंगे।
मवैया में रेलवे पुल के नीचे हर साल बारिश में भारी जलभराव होता है। ऐसे में चारबाग से आलमबाग आने-जाने वालों को खासी दिक्कत होती है। वाहन तो दूर लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है। कई बार प्रयास के बावजूद पैसे की कमी के कारण समस्या का स्थायी निराकरण नहीं हो सका। मजबूरी में जलभराव होने पर पंप लगाना पड़ता है। इसी के चलते नगर निगम ने इस बार स्थायी समाधान की योजना बनाई है, जिस पर 208.35 लाख रुपए खर्च होंगे। इसी तरह गीतापल्ली वार्ड व आसपास के इलाके पिछले सरकार में हुए सौंदर्यीकरण कार्य के कारण पैदा हुई जलभराव की समस्या से निजात मिल सकती है। सौंदर्यीकरण के दौरान जल निकासी की पुरानी व्यवस्था बाधित हो गई है। यहां लोगों के घरों की तुलना में सड़क कहीं ऊंची हो गई है। इसके साथ ही पकरी की पुलिया तोड़े जाने से समस्या और बड़ी हो गई है। इसके दूर करने के लिए 103.92 लाख रुपए की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके तहत आलमबाग व शारदा नगर की जल निकासी के लिए क्षतिग्रस्त साइफन को सिरे से बनवाया जाएगा।