लखनऊ। कार्रवाई न होने से बेखौफ धंधेबाज होली पर शहर के बाजारों में ब्रांडेड की आड़ में पचास हजार टिन से अधिक मिलावटी सरसों व रिफांइड ऑयल खपाने की तैयारी में हैं। ब्रांडेड खाद्य तेलों से मिलते-जुलते नाम व रैपर की पैकिंग के चलते इन्हें देखकर आसानी से असली-नकली में फर्क नहीं किया जा सकता। रोकथाम का जिम्मा संभालने वाले एफडीएसए के अधिकारी भी सेहत के लिए खतरनाक इस मिलावटी खाद्य तेल की धरपकड़ से बेखबर हैं। होली पर इसकी रोकथाम संचालित अभियान भी बस रस्म अदायगी तक सिमटा है। भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो एफएसडीए के जिम्मेदार अधिकारी को कानपुर में तैयार हजारों लीटर मिलावटी सरसों तेल व वनस्पति रिफाइंड को शहर के बाजारों में होली पर खपाने का शिकायती पत्र भेजा गया है। सरोजनी नगर स्थित एक धर्मकांटा पर बीते एक सप्ताह से कानपुर से हर दिन पांच से छह टैंकर लोकल तेल लाया जा रहा है। यहां से लखनऊ के व्यवसायियों को यह तेल डिलीवर हो रहा है। मोटी कमाई की लालच में तेल व्यवसायी इस मिलावटी सरसों तेल को टैंकर के हिसाब से खरीद अपने गोदाम में ले जा रहे हैं। खाली तेल के टिनों में भरकर इस पर ब्रांडेड सरसों तेल के नाम से मिलते जुलते नाम वाले रैपर चस्पा कर पैकिंग का कार्य कर बाजार में असली सरसों तेल के दाम पर खपा देते हैं।
लेबल-स्टिकर का खर्चा, मुनाफा मोटा ः ब्रांडेड के नाम पर मिलावट का धंधा करने वाले दर्जनों ब्रांड के सरसों व रिफाइंड तेल से मिलते जुलते नाम के लेबल टिन पर लगा कानपुर से मंगाया तेल खपा रहे हैं। इससे 15 किलो के एक टिन पर ढाई से तीन सौ रुपये का सीधा फायदा होता है।
शहर में कई जगहों से चल रहा खेल ः सूत्रों के अनुसार रोकथाम के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से सेटिंग से अमीनाबाद, ऐशबाग, फतेहअली तालाब, चौक, मडियांव, सीतापुर रोड, डालीगंज व इंदिरा नगर सहित अन्य इलाकों में मिलावटी तेल का धंधा चल रहा है। मुनाफाखोरी के लिए इसमें प्रतिबंधित घुलनशील रंग वाले बटर ऑयल व हाइड्रोसायनिक अम्ल को भी बेखौफ इस्तेमाल किया जाता है जो सेहत के लिए खतरनाक बनता है।
कार्रवाई में लायी जाएगी तेजी ः होली पर मिलावटखोरी रोकने के लिए अभियान में अब तक तीन तेल व्यवसायियों के यहां से जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं। कानपुर से मिलावटी सरसों तेल के आने को लेकर किसी शिकायत के बारे में जानकारी नहीं है। हालांकि आशंकित इलाकों में अभियान के तहत कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी।
एसएचएस आब्दी, सीएफएसआई