लखनऊ। आपने साल भर पहले नया बिजली कनेक्शन लिया पर अब तक बिल जमा नहीं किया है तो बिल जमा करने की तैयारी कर लीजिए। अगले दो दिन के भीतर आपको मीटर रीडिंग का बिल मिलेगा जिसको सात दिन के भीतर जमा करना होगा नहीं तो बिना नोटिस के बिजली काट दी जाएगी। मध्यांचल निगम में रविवार को एक समीक्षा के दौरान करीब साढ़े चार हजार नए कनेक्शन धारकों की पहचान की गई है। प्रबंध निदेशक ने बकाएदारों की सूची अधिशासी अभियंताओं को सौंपकर बुधवार तक बिल देने के निर्देश दिए हैं। इनमें 55 अमीनाबाद, 168 चौक, 244 हुसैनगंज, 181 राजभवन, 144 रेजीडेंसी, 168 ठाकुरगंज, 95 अलीगंज, 465 डालीगंज, 283 इंदिरानगर, 778 गोमतीनगर, 143 आलमबाग, 240 ऐशबाग, 227 कानपुर रोड, 268 राजाजीपुरम और 5 सेस दो, 217 रहीमनगर एवं 889 बीकेटी के घर व दुकान के नए कनेक्शन धारक शामिल हैं। इन उपभोक्ताओं ने नवंबर 2011 एवं जनवरी 2012 के बीच नया कनेक्शन लिया था। लेसा में इनके कनेक्शन का पंजीकरण हो चुका है। इनके बिल एचसीएल के सिस्टम पर बन रहे हैं। लेकिन डोर-टू-डोर रीडिंग लेने के दौरान स्पॉट बिलिंग मशीन से इनके बिल नहीं बन रहे हैं। ऐसे उपभोक्ता चाहते तो रीडिंग ले जाकर बिलिंग सेंटर पर बिल जमा कर सकते थे। नए कनेक्शन धारकों को बुधवार तक उनके मीटर की रीडिंग दर्ज करके बिल बना रिसीव कर दिया जाएगा। यह बिल सात दिन में जमा करना होगा। इस अवधि के बाद लेसा उनको कोई नोटिस देगा बल्कि सीधे बत्ती गुल करके केबल उतार देगा। उपभोक्ता को फिर बिल के साथ में बिजली काटने व जोड़ने का शुल्क भी चुकाना होगा। चेकिंग के दौरान जिन उपभोक्ताओं के घर बंद मिलेंगे उनकी बिजली पोल से काट दी जाएगी।
बिलिंग एजेंसी का गोरखधंधा उजागर ः लेसा की बिलिंग एजेंसियोें का मीटर रीडिंग की हेराफेरी का एक और गोरखधंधा उजागर हुआ है। छानबीन में पाया गया कि मीटर दर्ज करने वाली एजेंसियों ने 500 से अधिक मोबाइल टॉवर कंपनियों के कनेक्शन की हर महीने रीडिंग दर्ज कराने के बजाय अनुमान से असेसमेंट बिल बनाया है। इसके लिए मध्यांचल निगम में संबद्ध 11 अधिशासी अभियंताओं की टीमों को रीडिंग लेने के लिए भेजा गया है।