फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मसाज पार्लर में चल रहा था सेक्स रैकेट, 8 गिरफ्तार

Sat, 09 Mar 2013 05:31 AM IST
Lucknow
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। हजरतगंज के नवल किशोर रोड पर गैलेक्सी मसाज पार्लर सेंटर की आड़ में हाई-प्रोफाइल कॉल गर्ल्स रैकेट चल रहा था। पुलिस ने शुक्रवार रात छापेमारी कर पार्लर से चार कॉल गर्ल, दो ग्राहक समेत आठ को पकड़ा है। पकड़े गए लोगों में रैकेट का संचालक व संचालिका भी शामिल हैं। पुलिस को कॉल गर्ल्स के सेलफोन से सफेदपोश व वर्दीधारियों के नंबर मिले हैं। हजरतगंज महिला थानाध्यक्ष शिवा शुक्ला ने बताया कि नवल किशोर रोड स्थित गैलेक्सी मसाज पार्लर सेंटर में गलत काम की सूचना मिली थी। इस पर एसओजी और महिला पुलिस की टीम ने देर शाम पार्लर पर छापा मारा। मौके से चार कॉल गर्ल और दो ग्राहक समेत आठ को पकड़ा गया। पार्लर से एक दर्जन सेलफोन सहित कई आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुई हैं। सेलफोन में कई सफेदपोशों व वर्दीधारियों के सेलफोन के नंबर मिले हैं, जिनकी छानबीन की जा रही है। कॉल गर्ल्स के साथ ही मौके से दबोचे गए लोगों में आलमबाग के सुनील ठाकुर व संदीप सिंह और संचालक दमन अरोड़ा व उसकी पत्नी सतना अरोड़ा शामिल हैं। संचालक का अशियाना में फ्लैट है। पुलिस मामले में और जानकारी जुटा रही है।
विज्ञापन


बीएमडब्ल्यू, मर्सडीज व सेंट्रो था कोड
जिस्म फरोशी के धंधे में कॉल गर्ल्स के नाम का कोड ब्रांडेड गाड़ियों बीएमडब्ल्यू, मर्सडीज, सेंट्रो व मारुति के नाम पर था। ग्राहकों से बातचीत में दलाल इन्हीं कोड का प्रयोग करते थे। शाॅर्टकट से पैसे कमाने की भूख व नशे की लत ने युवतियां को इस धंधे में उतार दिया। धीरे-धीरे ऐशो आराम की लत पड़ गई और दलदल में धंसती चली गईं। पुलिस के अनुसार दिल्ली, बनारस, इलाहाबाद व कानपुर से काॅल गर्ल्स लाई जाती थीं। इनके रहने की व्यवस्था संचालक ने अपने फ्लैट पर ही कर रखी थी। एसओ शिवा शुक्ला ने बताया कि पड़ी गई युवतियों में से राजाजीपुरम निवासी एक ने बताया कि पढ़ाई के बाद नौकरी की तलाश के दौरान पार्लर में पांच हजार की नौकरी करने लगी। जल्द ही उसकी पार्लर संचालिका सतना से बनने लगी और उसकी सोहबत में नशे की लत लग गई। पैसे की भूख और नशे की लत ने इस धंधे में उतार दिया। जबकि गुडंबा में रहने वाली युवती ने बताया कि माता-पिता की बीमारी और भाई के कुछ न करने के चलते मजबूरी में नौकरी करनी पड़ी। उसे भी सतना ने अपने चंगुल में फंसाकर धंधे में उतार दिया। बाकी युवतियों की भी मजबूरी का फायदा उठाकर फंसाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें