लखनऊ। वर्दीधारियों के बेटे वाहन चोरी का गैंग चला रहे थे। कृष्णानगर पुलिस ने रविवार सुबह कमेटी हॉल के पास दो छात्रों को दबोच कर गैंग का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने चोरी की तीन बाइकें भी बरामद की हैं। दोनों आरोपित एक निजी पब्लिक स्कूल में नौवीं कक्षा के छात्र हैं। उन्होंने गैंग में शामिल अपने साथियों के नाम के साथ कई वारदातें कबूली हैं। पुलिस इनकी तस्दीक करने में जुट गई है।
इंस्पेक्टर कृष्णानगर रामसनेही यादव ने बताया कि मुखबिर ने सूचना दी थी कि वर्दीधारियों के बेटे संदिग्ध कार्यों में लिप्त हैं। सूचना पर दरोगा राजेश पाल सिंह व अनुराग उपाध्याय के नेतृत्व में कांस्टेबल मनोज व प्रिंस कुमार की टीम को निगरानी के लिए लगाया गया। पुलिस टीम रविवार सुबह सादी वर्दी में वाहन चोरों की टोह ले रही थी। तभी बाइक से दो किशोर आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया। दोनों को संदेह हो गया और वे बाइक मोड़कर भागने लगे। इसके बाद पुलिस टीम ने घेरेबंदी कर दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान आशियाना के सेक्टर-एच निवासी अनुभव आर्या (16) व शिवम सिंह (15) (दोनों काल्पनिक नाम) के रूप में हुई। अनुभव के पिता फौज में हवलदार हैं, जबकि शिवम के पिता राजधानी के ही एक थाने में सिपाही हैं। दोनों एक निजी पब्लिक स्कूल में नौवीं की पढ़ाई कर रहे हैं। कड़ाई से पूछताछ पर दोनों आरोपियों ने कृष्णानगर के बाराबिरवा मंडी से बाइक उड़ाने की बात कबूली। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी की एक और बाइक बरामद की। उन्होंने शुक्रवार रात सब्जीमंडी से पैशन बाइक उड़ाने की वारदात भी कबूली। आरोपी ने बताया कि उसने बाइक उड़ाने के बाद खजाना मार्केट की पार्किंग में खड़ी कर दी थी। बाद में पता चला कि लावारिस हालत में बाइक खड़ा देख आशियाना पुलिस उसे थाने उठा लाई थी। इंस्पेक्टर ने आशियाना पुलिस से बाइक मांगी है। आरोपियों ने आशियाना व कृष्णानगर में वाहन चोरी की कई वारदात कबूली है।
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गर्लफ्रेंड की फरमाइश पूरी करने के लिए करते थे चोरी
पुलिस गिरफ्त में आए नौवीं के छात्रों की कई लड़कियों से दोस्ती है। दोनों घंटों सेलफोन पर उनसे बातें करते थे। उनकी फरमाइश व शौक पूरा करने के लिए दोनों अपराध में लिप्त हो गए। पुलिस की मानें तो नौवीं के छात्र महंगे सेलफोन व बाइक से घूमने के शौकीन हैं। इनका रोजाना का जेबखर्च 700 से 1000 रुपए है। शाम को दोस्तों के साथ वीयर पीना और महंगे रेस्त्रां में भोजन करना इनकी शगल में शुमार था।
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नंबर प्लेट बदल कर भरते थे फर्राटे
पुलिस ने बताया कि आरोपी बाइक उड़ाने के बाद नंबर प्लेट बदल देते थे। फर्जी नंबर की प्लेट लगाकर फर्राटे भरते थे। फिर कुछ दिन में दोस्तों को औने-पौने दाम में बाइक बेच देते थे। कमाई के पैसे से मौज-मस्ती करते थे।