लखनऊ। राशन वितरण से पहले आधार कार्ड या वोटर आईडी से कार्डधारी का सत्यापन करने की व्यवस्था से परेशान सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने शुक्रवार को खाद्य आयुक्त का घेराव कर विरोध जताया। आक्रोशित राशन दुकानदारों ने चेताया कि यदि वर्तमान व्यवस्था से पैदा हो रही व्यावहारिक परेशानियों से तत्काल छुटकारा नहीं दिलाया गया तो वे राशन वितरण कार्य पूरी तरह ठप करने को मजबूर होंगे। इस पर खाद्य आयुक्त अर्चना अग्रवाल ने सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान निर्देश दिए कि कोटेदार अब कार्डधारी का मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज करके आवंटित अनाज का वितरण कर सकेंगे।
सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद के महामंत्री ओपी महाजन ने बताया कि बीते दिनों राशन दुकानों पर कार्डधारियों का सत्यापन आधार कार्ड या वोटर आईडी से करने के बाद ही आवंटित अनाज वितरित करने की नई व्यवस्था राशन विक्रेताओं पर जबरन थोपी गई थी। व्यावहारिक तौर पर इसके अनुपालन में हो रही परेशानी को देखते हुए जिला पूर्ति अधिकारी व एडीएम आपूर्ति से कई बार इस व्यवस्था को खत्म करने की मांग की गई थी। इसके बावजूद कोई सुनवाई न होने पर नाराज राशन विक्रेता शुक्रवार को खाद्य आयुक्त अर्चना अग्रवाल से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे। खाद्य आयुक्त ने विक्रेताओं से मिलने से इन्कार करते हुए अपर आयुक्त के पास जाने को कहा। इस पर नाराज विक्रेताओं ने विरोध-प्रदर्शन के साथ ही आयुक्त कक्ष के बाहर धरना शुरू कर दिया।
बाद में खाद्य आयुक्त ने विक्रेता परिषद के पांच प्रतिनिधियों को बुलाकर उनसे वार्ता की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि राशन वितरण के समय कोटेदारों को अब आधार कार्ड या वोटर आईडी से कार्डधारियों का सत्यापन नहीं करना पड़ेगा। राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता व इसका सत्यापन करने के लिए रजिस्टर में संबंधित कार्डधारी का मोबाइल नंबर दर्ज करना जरूरी होगा। जिस कार्डधारी के पास मोबाइल फोन नंबर नहीं होगा, उससे इस आशय के लिखित प्रोफॉर्मा पर हस्ताक्षर कराकर मोबाइल नंबर न होने का शपथ पत्र लेना होगा। विक्रेता परिषद की तरफ से वार्ता में ओपी महाजन के साथ अशोक मल्होत्रा, राम कुमार अग्निहोत्री, श्यामा चरन व गगन यादव शामिल रहे।