लखनऊ। आम तौर पर अनियमितताओं एवं प्रशासनिक खींचतान के लिए चर्चा में रहने वाले बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की रंगत बदलती नजर आ रही है। बदले निजाम ने विश्वविद्यालय के एकेडमिक ढांचे में बदलाव की कवायद शुरू की है। परंपरागत पाठ्यक्रमों तक ही सीमित रहने वाले केंद्रीय विश्वविद्यालयों से अलग बीबीएयू में फैशन से लेकर पर्यटन तक के गुर सिखाने की तैयारी है। पाठ्यक्रम प्रासंगिक एवं प्रभावी हों, इसके लिए कमेटियों में विषय से जुड़े विशेषज्ञों को ही तरजीह दी गई है।
बीबीएयू के नए कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने कुर्सी संभालने के अगले दिन ही विश्वविद्यालय में नए पाठ्यक्रमों की संभावनाएं तलाशने को कहा था। इस कड़ी में पिछले सप्ताह आधा दर्जन से अधिक कमेटियां भी गठित कर दी गई हैं। इन कमेटियों को आठ फरवरी तक अपनी रिपोर्ट देनी है। फिलहाल नए पाठ्यक्रमों को सेल्फ फाइनेंस योजना में ही शुरू करने की तैयारी है और योजनाएं परवान चढ़ीं तो नए सत्र में ही कुछ पाठ्यक्रम एकेडमिक कैलेंडर का हिस्सा बन सकते हैं।
नए ट्रेंड पर दांव
बीबीएयू प्रशासन ने पाठ्यक्रमों के नए ट्रेंड पर खास तौर पर फोकस किया है। महत्वपूर्ण यह भी है कि पाठ्यक्रमों के चयन में इस पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि राजधानी में अभी तक उनके शिक्षण की संभावनाएं तथा उपलब्धता क्या है? नजीर के तौर पर फैशन टेक्नोलॉजी को लिया जा सकता है। लखनऊ में इसका कोई भी बड़ा या मानक संस्थान नहीं है, जहां से इसकी डिग्री या प्रशिक्षण लिया जा सके। ऐसे में सेंट्रल यूनिवर्सिटी के बैनर तले राजधानी में ही इसकी पढ़ाई का मौका फैशन की दुनिया में कॅरियर बनाने वालों के लिए राह खोल सकता है। कोर्स का स्तर भी बाजार की जरूरतों एवं स्तर के अनुरूप हो, इसलिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी के निदेशक को कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। कमेटी के अन्य सदस्य भी इसी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। एमबीए के अलग-अलग सेक्टर पर आधारित पाठ्यक्रम की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। इसके लिए पंजाब यूनिवर्सिटी से लेकर लखनऊ यूनिवर्सिटी तक की राय ली जाएगी। पत्रकारिता विभाग भी जर्नलिज्म के नए ट्रेंड को शामिल करते हुए पाठ्यक्रम शुरू करेगा। इसके लिए भी गठित कमेटी के आधे सदस्य पत्रकारिता से ही जुड़े हैं। वहीं, इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स की कमेटी में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति तक शामिल किए गए हैं। फोरेंसिक साइंस एवं क्रिमिनोलॉजी के नवीनतम आयाम पर भी कोर्स शुरू करने की तैयारी है और इस कमेटी में भी इस क्षेत्र से जुड़े संस्थानों के विशेषज्ञ हैं। यूपी में पर्यटन की संभावनाओं को रोजगार से जोड़ने की कड़ी में होटल मैनेजमेंट एवं टूरिज्म के कोर्स भी एजेंडे में शामिल हैं। उधर, बीएचयू आईआईआईटी के निदेशक सहित इंजीनियरिंग के दिग्गज तकनीकी पाठ्यक्रमों के बीबीएयू में संचालन के रास्ते तलाशेंगे।
कैंपस में लगाए 1000 पौधे
बीबीएयू प्रशासन ने ग्रीन कैंपस की कवायद पर काम शुरू कर दिया है। गणतंत्र दिवस पर शनिवार को कुलपति सहित शिक्षक, कर्मचारियों एवं छात्रों ने परिसर में 1000 पौधे रोपे। प्रवक्ता डॉ. गोविंद पाण्डेय ने बताया कि यह भी तय हुआ है कि जिसने जिस पौधे को रोपा है, उसके संरक्षण एवं देखभाल की जिम्मेदारी भी वही उठाएगा। इससे यह पहल महज औपचारिकता न होकर अंजाम तक पहुंचे।