लखनऊ। आरपीएफ सिपाहियों ने बृहस्पतिवार को सिटी बस चालक की पिटाई कर दी। इससे नाराज बस चालकों ने रेलवे ट्रैक पर बसें खड़ी कर चक्का चाम कर दिया। हंगामे के चलते 38 मिनट तक ट्रेनों का आवागमन ठप रहा। मौके पर पहुंची पुलिस और लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट के अधिकारियों के समझाने पर बस चालक शांत हुए। मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। काकोरी से चारबाग जा रही सिटी बस (यूपी 32 सीजेड 7037) का ड्राइवर मनोज यादव गेट बंद होने से पहले जल्दबाजी में आलमनगर क्रॉसिंग पार कर रहा था। इस पर आरपीएफ का सिपाही महेंद्र लाठी से बस पीटने लगा। विरोध करने पर उसने मनोज की पिटाई कर दी। बीच-बचाव कराने पर कंडक्टर कमलेश दीक्षित की भी पिटाई कर दी। देखते ही देखते मामला तूल पकड़ गया। इस बीच पीछे से आ रही एक और बस के चालक-कंडक्टर भी समर्थन में आ गए और दोनों बसें रेलवे ट्रैक पर खड़ी कर दीं। ट्रैक पर उस समय त्रिवेणी एक्सप्रेस आने वाली थी, आनन-फानन में सूचना देकर ट्रेन को रुकवाया गया। करीब आधे घंटे तक क्रॉसिंग पर हंगामा होता रहा। सूचना पर पहुंचे तालकटोरा थानाध्यक्ष व अन्य रेलवे अधिकारियों ने किसी तरह से बसों को ट्रैक से हटवाया। इसके बाद करीब 38 मिनट से खड़ी त्रिवेणी एक्सप्रेस को रवाना किया। इस बीच एक मालगाड़ी भी खड़ी रही। उधर, देर रात आरपीएफ के अधिकारी व दुबग्गा के क्षेत्रीय सहायक प्रबंधक ने मामले को सुलझाने का प्रयास किया लेकिन दोनों पक्ष नहीं माने और एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। काकोरी से चारबाग जा रही सिटी बस के परिचालक ने तालकटोरा थाने में आरपीएफ सिपाही महेंद्र राय के खिलाफ मारपीट करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। जबकि महेंद्र राय ने बस चालक व परिचालक के खिलाफ जबरन रेलवे क्रॉसिंग में घुसने का मामला दर्ज कराया है।
..हो सकता था हादसा ः ट्रेन आने के समय रेलवे क्रासिंग पर बस चालक व आरपीएफ के बीच हुआ विवाद बड़े हादसे का सबब भी बन सकता था। हालांकि ट्रैक पर विरोध स्वरूप खड़ी की गईं बसों में यात्री तो नहीं थे लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अगर त्रिवेणी एक्सप्रेस ट्रेन तेज गति से होती तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। क्योंकि उस वक्त ट्रैक पर खाली बसें खड़ी थी, वहीं त्रिवेणी एक्सप्रेस को किसी तरह रोका गया। यह ट्रेन दोपहर 2.55 से दोपहर 3.33 मिनट तक खड़ी रही।