लखनऊ। कोहरे से अत्यधिक विलंब होने के कारण शुक्रवार को हिमगिरी और गोमती एक्सप्रेस का संचालन निरस्त कर दिया गया। गोमती से लखनऊ आने वाले यात्रियों को दिल्ली में ही अपने टिकटों का रिफंड लेना पड़ा। वहीं, स्वर्ण शताब्दी अपने निर्धारित समय से तीन घंटे विलंब से आई, जबकि शताब्दी को दोपहर 3.35 बजे के स्थान पर शाम 6.05 पर दिल्ली के लिए रवाना किया गया। इसके अलावा वैशाली एक्सप्रेस तेरह घंटे, फरक्का एक्सप्रेस दस घंटे, चंडीगढ़ एक्सप्रेस नौ घंटे, कोटा-पटना एक्सप्रेस दस घंटे, लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, राप्ती सागर एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे, कैफियत एक्सप्रेस साढ़े सात घंटे, अवध एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे, मरुधर एक्सप्रेस छह घंटे, अवध आसाम एक्सप्रेस साढ़े छह घंटे, पंजाब मेल साढ़े ग्यारह घंटे, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे, लखनऊ मेल डेढ़ घंटे और स्वर्ण शताब्दी साढ़े तीन घंटे विलंब से लखनऊ आई। उधर, दिलकुशा लखनऊ व सफेदाबाद-लखनऊ के बीच पटरी चटकने से भी ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा और फैजाबाद पैसेंजर, उत्सर्ग एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस, बनारस-इलाहाबाद इंटरसिटी सहित कई ट्रेनें विलंब से स्टेशन पहुंचीं। ट्रेनों की लेट-लतीफी के कारण यात्रियों को घंटों प्लेटफॉर्म पर खड़े रहना पड़ा। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि कोहरे के कारण यात्रियों को अभी कुछ और दिनों तक समस्या झेलनी पड़ सकती है।
एक दर्जन से ज्यादा बसों का भी निरस्त रहा संचालन ः आलमबाग बस अड्डे पर एक दर्जन से अधिक बसों का संचालन निरस्त रहा। अधिकारियों के मुताबिक अत्यधिक ठंड के कारण दिल्ली, गोरखपुर, बलरामपुर, देवरिया सहित कई रूटों की इन बसों में यात्रियों की संख्या सिर्फ एक या दो रही। जबकि अन्य बसों में भी यात्रियों का ग्राफ पचास फीसदी के आसपास ही रहा। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को यात्रियों की कम संख्या होने के कारण परिवहन की कमाई पर असर पड़ा।