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संशोधन के बहाने डीएम सर्किल रेट में बढ़ोतरी की तैयारी

Fri, 04 Jan 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। राजधानी में पहले से ही आसमान छू रहीं जमीनों की कीमतें जल्द ही और बढ़ने वाली हैं। निबंधन अधिकारियों ने डीएम सर्किल रेट में बढ़ोतरी की कवायद शुरू कर दी है। बाजार भाव के आधार पर तैयार किए जाने वाले बढ़ोतरी प्रस्ताव से कई नवविकसित इलाकों में जमीनों के भाव दोगुना महंगी हो सकती हैैं। ऐसे इलाके चिह्नित करने की जिम्मेदारी उप निबंधकों को दी गई है। एक वर्ष की अवधि अंदर यह दूसरा मौका है जब सर्किल रेट बढ़ाया जाएगा। भूसंपत्तियों के सर्किल रेट में बढ़ोतरी मौजूदा दर में संशोधन के बहाने करने की तैयारी है। अधिकारी कहते हैं कि शहर कई नवविकसित इलाकों में जमीनों का बाजार भाव साल भर की अवधि में तीन से चार-गुना बढ़ चुका है। उसकी अपेक्षा सर्किल रेट काफी कम है। उन इलाकों में भूमि व भवन की खरीद-बिक्री बाजार भाव के आधार पर हो रही है। लेकिन लोग रजिस्ट्री डीएम सर्किल रेट पर कराते हैं। इससे रजिस्ट्री विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है। ऐसी स्थिति में ज्यादा बाजार भाव वाले क्षेत्रों के सर्किल रेट में संशोधन का नियम है। दूसरी तरफ विभागीय सूत्रों की मानें तो आंशिक संशोधन के बहाने ज्यादा खरीद-बिक्री वाले क्षेत्रों का सर्किल रेट बढ़ाने केपीछे सालाना राजस्व लक्ष्य पूरा करने की मजबूरी है। मौजूदा वित्तीय वर्ष के शेष तीन महीनों में लक्ष्य का 40 प्रतिशत से अधिक राजस्व जुटाने का अधिकारियों पर दबाव है। इसलिए वह शहर के उन नवविकसित इलाकों के सर्किल रेट को संशोधन के जरिए बढ़ाना चाह रहे हैं जहां निजी कारोबारी बड़े स्तर पर प्लाटिंग कर रहे हैं।
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फरवरी में लागू होने की संभावना ः हालांकि संशोधन के माध्यम से सर्किल रेट बढाने में एक माह से अधिक समय लग सकते हैं। क्योंकि अभी जनपद के सभी आठ उप निबंधकों को क्षेत्र तय करने हैं। उन्हें बाजार भाव व सर्किल रेट में अंतर का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट जनपद के सहायक महानिरीक्षक (एआईजी) निबंधन को देनी होगी। एआईजी के स्तर से संशोधन के बाद प्रस्ताव डीएम के पास जाएगा। प्रस्ताव पर जनपदवासियों को आपत्तियों भी ली जाएगी। इनके निस्तारण के बाद संशोधित दरें फरवरी में लागू होने की संभावना है।
निशाने पर कॉलोनाइजर ः सर्किल रेट में बढ़ोतरी का असर कॉलोनाइजरों की जमीनों पर पड़ेगा जो प्रतिबीघा की दर पर सस्ते में किसानों से जमीनें खरीदकर प्रति वर्ग फीट के हिसाब से ऊंचे रेट पर बेचने का काम करते हैं। निबंधन अधिकारियों के मुताबिक नगर निगम सीमा से लगे व उसके बाहर के अधिकांश नवविकसित इलाकों में कॉलोनाइजर ही आवासीय जमीनें बेच रहे हैं। ऐसे इलाकों का सर्किल रेट अधिकतर 20 लाख रुपए बीघा है जबकि वास्तविक खरीद 80 लाख से सवा करोड़ रुपए बीघा तक हो रही है।
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इन प्रमुख इलाकों में कीमतें होंगी दोगुनी
बिजनौर रोड इलाका-औरंगाबाद, नटकुर, सरवनगर, चंद्रावल, रहीमाबाद, न्यू गोडौरा।
मोहनलालगंज इलाका-मौरावां रोड, गोसाईंगंज रोड से लगे गांव व सिसेंडी क्षेत्र।
सुलतानपुर रोड इलाका-खुर्दही बाजार से गोसाईगंज कस्बे के बीच गांव।
चिनहट इलाका-लौलाई, मल्हौर, जुग्गौर व फैजाबाद रोड से लगा क्षेत्र।
देवा रोड इलाका-नौबस्ता, नेवादा, तकरोही, अमराईगांव, बादशाहखेड़ा, चूरामनपुरवा, रसूलपुर शादाब व जरहरा।
कुर्सी रोड इलाका-बहादुरपुर, तिवारीपुर, मिश्रपुर, बेहटा, अनवारी, जबरी।
आईआईएम के आसपास का इलाका, कसमंडी से बीकेटी के बीच का क्षेत्र।
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