फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फेसबुक पर मुकदमा

Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
Lucknow
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल तीन दिन के लिए बैन किए जाने से नाराज राजधानी के एक वकील ने फेसबुक के खिलाफ साइबर क्राइम सेल में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पीड़ित ने इस अस्थाई बैन को अपने मानवीय व नैसर्गिक अधिकारों का हनन व मानसिक कष्ट देने वाला बताया है। उसने प्रोफाइल बैन करने के लिए फेसबुक को रिपोर्ट करने वालों के खिलाफ भी शिकायत की है। साइबर क्राइम सेल ने मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन

हुसैनगंज निवासी वकील प्रिंस लेनिन ने बताया कि वे कई साल से फेसबुक पर ऑनलाइन सोशल नेटवर्किंग कर रहे हैं। इस महीने की 11 से 13 नवंबर तक उनका प्रोफाइल फेसबुक ने बिना किसी पूर्व सूचना या चेतावनी के बैन कर दिया। इस बारे में जब उन्होंने फेसबुक को रिपोर्ट किया तो पता चला कि उनके खिलाफ कई शिकायतें की गई हैं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। इस पर प्रिंस ने फेसबुक के ईमेल पतों complaints@facebook.com और records@facebook.com पर शिकायतकर्ताओं को असामाजिक तत्व बताते हुए बैन को नाजायज बताया। साथ ही शिकायत की कि प्रोफाइल पर मौजूद उनके इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स, निजी जीवन से संबंधित दस्तावेज, फोटो, वार्तालाप के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों को बिना वजह प्रतिबंधित किया गया। साइबर सेल को दी अपनी शिकायत में प्रिंस ने फेसबुक और उनका प्रोफाइल बैन करने के लिए झूठी रिपोर्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साइबर सेल प्रभारी दिनेश यादव ने बताया कि सेल ने साइबर क्राइम आईटी एक्ट के तहत धारा 66 व 84 में मामला दर्ज किया है। इसमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से छेड़छाड़, रिकॉर्ड के मालिक की इन जानकारियों तक पहुंच रोकने या प्रतिबंधित करने की शिकायतें ली जाती हैं। इसमें दोषियों पर 3 साल के कारावास का प्रावधान है। वे मामले की जांच करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

संवेदनशील है मेरा प्रोफाइल ः प्रिंस लेनिन ने बताया कि वे एनआरएचएम सहित कई मामलों में मुकदमे लड़ रहे हैं। फेसबुक के जरिए वे बतौर सामाजिक कार्यकर्ता विभिन्न मामलों पर अपनी बात रखते हैं और जरूरी मौकों पर विरोध दर्ज कराते हैं। ऐसे में उनका प्रोफाइल बेहद महत्वपूर्ण व संवेदनशील है। तीन दिन के बैन के बाद प्रोफाइल भले ही फिर मिल गया, लेकिन इन दौरान जिस मानसिक संत्रास से गुजरे, वे नहीं चाहते कि कोई और गुजरे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें