लखनऊ। विभूति खंड के वेव मॉल स्थित आर्चीज गैलरी के गोदाम में में रविवार दोपहर शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। धुआं निकलते देख दुकानदार व मॉल के कर्मचारी दहशत में आग गए। कर्मचारी जब तक फायर सिलेंडर लेकर दौड़े, तब तक आग ने दुकान को अपनी चपेट में लिया। थोड़ी ही देर में पूरे मॉल में धुआं भर गया और आग की लपटें आसपास दुकान तक पहुंच गईं। मॉल में मौजूद लोगों का दम घुटने लगा और भगदड़ मच गई। लोग बाहर की ओर भागे। लेकिन, इमरजेंसी गेट न खुलने पर उन्हें मेनगेट पर काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। सूचना पर आधे घंटे बाद पहुंचे दमकलकर्मियों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और इमरजेंसी गेट खोलकर भीड़ को निकाला।
वेव मॉल में रविवार दोपहर 12.30 बजे काफी संख्या में लोग खरीदारी और पीवीआर में फिल्म देखने के लिए जुटे थे। इसी दौरानमेनगेट प्रवेश द्वार के आगे आर्चीज गैलरी के सेल्समैन गणेश ने दुकान के गोदाम से धुआं निकलते देखा। गोदाम में धू-धूकर गिफ्ट पैक व ग्रीटिंग कार्ड्स जल रहे थे। सेल्समैन ने मॉल के सिक्योरिटी सुपरवाइजर को जानकारी दी। लेकिन वे जब तक अग्निशामक यंत्र लेकर दुकान की ओर बढ़ते। गोदाम से आग की लपटें निकलने लगीं और देखते-देखते पूरे दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि मॉल के सुपरवाइजर समेत अन्य जिम्मेदार फायर विभाग को सूचना न देकर अपने फायर सिस्टम से ही आग पर काबू पाने का प्रयास करते रहे। नतीजा, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पड़ोस की दुकान कोहली ब्र्रदर्स व वुडलैंड शोरूम को भी अपने चपेट में ले लिया। तीन मंजिला मॉल में हर तरफ धुआं ही धुआं भर गया। मॉल में मौजूद महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों का दम घुटने लगा और भगदड़ मच गई। तभी बिजली गुल हो गई और चोरों ओर अंधेरा छा गया। अंधेरे में बाहर की ओर भाग रहे लोग आपस में टकरा गए, जिससे कई महिलाएं व बच्चे चोटिल हो गए। मॉल के मेनगेट पर लगे शीशे व इमरजेंसी गेट न खुलने पर भीड़ ने इसे तोड़ने का भी प्रयास किया। मगर, सफलता नहीं मिली। मॉल प्रबंधन ने पीवीआर में फिल्में बंद कराकर दर्शकों को बाहर बनी सीढ़ियों के रास्ते बाहर निकाला।
इस बीच, सूचना पर इंदिरानगर व गोमतीनगर के फायर स्टेशन से दमकल के तीन वाहन आ गए। फायरकर्मियों ने इमरजेंसी गेट खोलकर भीड़ को बाहर निकाला और तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। देर रात मॉल की सफाई कार्य चलता रहा। आर्चिज गैलरी के मालिक के मुताबिक, आग से करीब दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है। जबकि, कोहली ब्रदर्स में आग से करीब पचास हजार रुपये और वुडलैंड शोरूम में हजारों का नुकसान हो गया।
टिकट का पैसा वापस करने को लेकर हंगामा
प्रत्यक्षदर्श्यों की मानें तो आग लगने के बाद पीवीआर में फिल्म देख रहे दर्शकों को निकलना पड़ा। इसके बाद कई दर्शकों की पैसा वापसी को लेकर मॉल प्रबंधन से नोकझोंक हुई। बाद में मॉल प्रबंधन ने शाम पांच बजे तक पैसा वापस करने का आश्वासन देकर उन्हें शांत किया और पैसा वापस कर दिया गया।
मॉल में सुरक्षा के नहीं थे पर्याप्त इंतजाम
लखनऊ। आग ने वेव मॉल के सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। यहां हादसे से निपटने का कोई खास इंतजाम नहीं है। तीन मंजिला मॉल में वेंटीलेशन के लिए जगह नहीं है। बाहर जाने के सिर्फ दो रास्ते हैं। भगदड़ की स्थित में दोनों गेट मानक से बहुत छोटे हैं। इमरजेंसी के लिए मॉल में सिर्फ दो गेट हैं। वह भी बंद पड़े रहते हैं। गनीमत थी कि आग दिन में लगी। अगर कहीं रात में आग लगती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
मॉल में वेंटीलेशन की जगह न होने से दमकलकर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। धुएं और भीषण लपटों के चलते दमकलकर्मी मॉल स्थित शोरूम के अंदर ज्यादा देर तक नहीं रुक पा रहे थे। उन्होंने मॉल के अग्निरोधक यंत्र की भी आग बुझाने में मदद ली। शुरुआत में लगातार पानी चलाए जाने के बाद भी दुकान में आग घटने के बजाए बढ़ रही थी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के मुताबिक, आग पर काबू पाने के लिए इंदिरानगर व गोमतीनगर फायर स्टेशन से तीन दमकल के वाहन बुलाने पड़े। मॉल में बाहर निकलने के लिए मेट गेट और पीछे पार्किंग की ओर एक गेट बना है। जबकि दो इमरजेंसी गेट बनाए गए हैं। ये जब से बने तभी से बंद पड़े हैं। फायरकर्मियों ने मॉल पहुंचने के बाद ही इमरजेंसी गेट खोला। सवाल यह उठता है कि इतने बड़े मॉल में जहां सैकड़ों की भीड़ हमेशा रहती है। वहां हादसे से निपटने के कोई खास इंतजाम नहीं हैं।