लखनऊ। पारा थाना क्षेत्र की हर्षनगर कॉलोनी में सोमवार शाम एक सिरफिरे ने दूध मंडी में सरेराह अपनी लाइसेंसी बंदूक से अंधाधुंध फायरिंग की। इससे महिला समेत चार लोग घायल हो गए। घायलों को रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। गोलीबारी से गुस्साई भीड़ ने सिरफिरे को दौड़ा लिया। खुद को घिरता देख सिरफिरा अपने घर में घुस गया और आंगन में कुर्सी पर खड़े होकर गोलियां दागने लगा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद उसे काबू में किया। पुलिस ने उसके पास से डबल बैरल बंदूक, छह जिंदा कारतूस व भारी मात्रा में खोखे बरामद किए हैं। पुलिस बंदूक के लाइसेंस की जांच करा रही है। बकौल एसओ फेरी लगाकर चावल बेचने वाला सिरफिरा भांग के नशे में धुत था। मूल रूप से सीतापुर के इमलिया सुल्तानपुर गांव निवासी राजेंद्र गिरि का बेटा गौतम गिरि (28) पत्नी, बेटी गौरी व बेटा कान्हा के साथ पारा थाना क्षेत्र के बुद्धेश्वर विहार के हर्षनगर निवासी व परचून व्यवसायी बृजेश कुमार गुप्ता के मकान में किराए पर रहता है। वह साइकिल से फेरी लगाकर चावल बेचता है। एसओ पारा राम विशाल यादव के मुताबिक, गौतम भांग का नशा करने का आदी है। सोमवार को अधिक मात्रा में भांग का सेवन करने से वह आपा खो बैठा। शाम करीब 5:30 बजे गौतम अपनी लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक लेकर पैदल घर लौट रहा था। सलीमखेड़ा भपटामऊ स्थित दूध मंडी के पास अचानक वह शोर मचाते हुए बंदूक की नाल नीचे कर गोलियां दागने लगा। गोलियां चलने की आवाज सुनकर मंडी में भगदड़ मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। लकड़ी की दुकान के बाहर डेढ़ वर्ष के मासूम आमीन को खाना खिला रही मां शहजादी (26) की कमर और पीठ में छर्रे घुस गए। दर्द से कराह रहे मां-बेटे को घर वालों ने संभाला। इसके बाद भी गौतम अंधाधुंध गोलियां दागता रहा। पड़ोस में खेल रही जयसिल मून (16) के हाथ व पैर में भी छर्रे धंस गए। अपनी पान की दुकान में खाना खा रहा राहिद अली (23) की कोहनी में भी छर्रा लगा। सिरफिरे की हरकत से नाराज भीड़ ने ईंट-गुम्मा लेकर उसे दौड़ा लिया। भीड़ को देख सिरफिरा हवा में असलहा लहराते हुए भागा और अपने घर में घुस गया और आंगन में कुर्सी रखकर बंदूक से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक घर में गोली चलने की आवाज सुनकर घर में मौजूद मकान मालिक बृजेश की पत्नी शिखा व एक अन्य किराएदार की पत्नी मंजू डर गई। दहशत के मारे उन्होंने अपने कमरे के दरवाजे बंद कर लिए। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मकान को चारों ओर से घेर लिया। सिरफिरा कभी मकान की छत पर फायरिंग करता तो कभी शौचालय की खिड़की से लोगों को निशाना बनाता। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर सिरफिरे को काबू किया। पुलिस ने उसके कमरे से लाइसेंसी बंदूक, छह जिंदा कारतूस व भारी मात्रा में खाली कारतूस बरामद किया है। पुलिस ने घायलों को रानी लक्ष्मी बाई संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया। बकौल एसओ पारा, वर्ष 2002 में गौतम की बंदूक का लाइसेंस (नंबर बीबीएल 768998) सीतापुर से बनाया गया है। लाइसेंस की जांच कराई जा रही है।
इनाम में मिली थी बंदूक ः गौतम ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वर्ष 2002 में कुछ बदमाश उसके घर में घुस आए थे। उनका मुकाबला करते हुए उसने एक बदमाश को मार गिराया था जिस पर तत्कालीन डीएम ने बंदूक इनाम में दी। गौतम की बात सुनकर पुलिस हैरान है। पुलिस सीतापुर जिला प्रशासन से जानकारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि गौतम भांग के नशे में अनाप-शनाप बक रहा है।
बच्चों को लेकर भाग निकली पत्नी ः गौतम की हरकत से घबराकर उसकी पत्नी अपने बच्चे गौरी व कान्हा को लेकर कहीं छिप गई। पुलिस उसकी तलाश करवा रही है। दरअसल, गौतम ने जब घर में फायरिंग शुरू की तो इसी बीच उसकी पत्नी बच्चों को लेकर चुपचाप कहीं चली गई। मकान मालिक बृजेश का कहना है कि गौतम ने 1300 रुपये प्रतिमाह किराए पर मकान ले रखा है। वह व्यवहार से बहुत अच्छा है, मगर आज उसे पता नहीं क्या हो गया? पुलिस बृजेश से भी पूछताछ कर रही है।
एक हजार की भीड़ पर था भारी ः सिरफिरा गौतम एक हजार की भीड़ पर भारी पड़ रहा था। भीड़ उसे दौड़ा रही थी, मगर वह जरा भी नहीं डरा। उसके हाथ में बंदूक देख लोग उसके पास नहीं फटक रहे थे। पुलिस के जवान भी आगे बढ़ने में कतरा रहे थे। बाद में एसओ राम विशाल यादव सीढ़ी लगाकर छत के रास्ते घर में उतरे तथा उस कमरे की ओर बढ़े जिसमें गौतम ने खुद को बंद कर रखा था। एसओ और एक अन्य जवान ने लात मारकर कमरे की सिटकनी तोड़ी और उसे काबू किया।