लखनऊ। आइस फैक्ट्री से अमोनिया गैस निकाले जाने के बावजूद उसका असर आसपास के लोगों को परेशान किये हुए है। बगल में रहने वाले परिवार के एक युवक व एक युवती की रविवार आधी रात को तबीयत बिगड़ गई। उन्हें पास केनिजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर रविवार को भर्ती हुए दो लोगों का उपचार अभी भी जारी है। इसमें फैक्ट्री कर्मी पवन मिश्र की हालत गंभीर बनी हुई है। इसको लेकर लोगों में नाराजगी है। उनकी नाराजगी को सोमवार घर लौटे फैक्ट्री मालिक के परिजनों के वक्तव्यों ने भी बढ़ाया। हालात की नजाकत को देखते हुए फैक्ट्री के आसपास पुलिस के साथ पीएसी के जवान तैनात किये गए हैं। अधिकारियों को नाराज लोगों की प्रतिक्रिया की आशंका है। इसलिए सोमवार को भी इंस्पेक्टर व सीओ ने वहां का निरीक्षण किया। लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। स्थानीय लोग फैक्ट्री मालिक के साथ जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को लेकर भी नाराज हैं। क्योंकि आबादी के बीच चल रही फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई के लिए उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व नगर निगम को कई पत्र भेजे थे। उनकी आशंका पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसलिए जांच व कार्रवाई के लिये फैक्ट्री पहुंचने वाले अधिकारियों को लोगों ने घेरा। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने रविवार देर रात फैक्ट्री के प्लांट वाले हिस्से को गैस रहित करने का दावा किया लेकिन उसका असर कायम है। रविवार आधी रात के बाद अंजू रावत की बेटी शोभा (20) और बेटे आदित्य (13) की तबीयत बिगड़ गई। अंजू का मकान फैक्ट्री के पास में है। परिजनों के मुताबिक घुटन के साथ बेहोशी जैसी स्थिति होने पर शोभा व आदित्य को एवरेडी तिराहा स्थित अवतार नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने सुबह आदित्य को छुट्टी दे दी लेकिन शोभा सोमवार शाम तक अस्पताल में भर्ती थी। उधर रविवार तड़के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हुए पांच लोग घर लौट आए। फैक्ट्री परिसर में रहने वाले वहां के कर्मचारी पवन मिश्र की स्थिति गंभीर होने के चलते उसका अभी निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। आइस फैक्ट्री मालिक प्रदीप मिश्र को पुलिस सोमवार को भी नहीं पकड़ नहीं पाई। इस बीच उसके दो भाई घर आ गए जो हादसे के बाद परिवार सहित ताला बंद करके गायब हो गए थे। प्रदीप के भाइयों का आइस फैक्ट्री केस से कोई संबंध नहीं है लेकिन उनकी वापसी के बाद आसपास के लोगों में नाराजगी बढ़ी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रदीप के भाई उन्हें चुप रहने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से धमकी दे रहे हैं।
स्टोरेज टैंक में सुरक्षित गैस भी आज निकाली जाएगी ः आइस फैक्ट्री के प्लांट से निकाले जाने के बावजूद काफी गैस परिसर में सुरक्षित है। उसे मंगलवार दोपहर गैस सप्लाई करने वाली संस्था के विशेषज्ञों की मदद से निकाला जाएगा। एडीएम सिटी ओपी पाठक के मुताबिक रिसाव प्लांट में हुआ था जिसके सप्लाई सिस्टम में काफी मात्रा में गैस थी जिसे रविवार रात को खत्म किया गया। लेकिन फैक्ट्री परिसर में जमीन के अंदर बनाए गये स्टोरेज टैंक में काफी गैस सुरक्षित है। उससे लीकेज जैसा फिलहाल कोई डर नहीं लेकिन उसे भी निकाला जाएगा। इस कार्रवाई के लिए मंगलवार को विशेषज्ञ बुलाए गए हैं जो गैस को दूसरे टैंक में ट्रांसफर करके हटाएंगे।