सपाइयों और पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाकर हड़ताल कर रहे निजी और सरकारी डॉक्टरों ने लगातार पांचवें दिन मंगलवार को भी काम नहीं किया। कानपुर में इलाज न मिलने से मंगलवार को जच्चा-बच्चा समेत सात और मरीजों की मौत हो गई।
इसके साथ ही यहां इलाज न मिलने से मरने वाले मरीजों की संख्या अब 28 हो गई है। आगरा में 250 हड़ताली जूनियर डाक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा कॉलेज के प्राचार्य को सौंप दिया है। यहां मंगलवार को दो मरीजों ने इलाज के बिना दम तोड़ दिया।
सीएम बोले होगी कार्रवाई
इलाज के बिना इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल में भर्ती महिला समेत दो जबकि मेरठ मेडिकल कालेज में भी दो मरीजों की मौत हो गई। इस बीच डॉक्टरों का डेलीगेशन मुख्यमंत्री से मिला। मुख्यमंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
डॉक्टरों का कहना है उनकी मांगों पर कार्रवाई के बिना उनका आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, आगरा, इटावा, इलाहाबाद, मेरठ, वाराणसी, अलीगढ़, गाजियाबाद सहित कई और जिलों में पड़ रहा है।
जुलूस के जरिए जताया विरोध
प्रदर्शन की आग दिल्ली तक पहुंच गई है। एम्स के डॉक्टरों ने काला फीता बांधकर विरोध दर्ज कराया। उधर, जेल में बंद 24 मेडिकल छात्रों को जमानत मिलने के बाद उन्होंने रिहा होने से इनकार कर दिया है।
कानपुर में मेडिकल कॉलेज में छात्र, डॉक्टर, नर्स और स्टाफ ने जुलूस निकाला। आईआईटी छात्रों ने भी कैंडल मार्च किया।
छात्रों का कहना है कि एसएसपी के निलंबन, सपा विधायक इरफान सोलंकी और एसएसपी के खिलाफ एफआईआर और जेल भेजे गए मेडिकल स्टूडेंट्स पर मुकदमा स्पंज किए बिना हड़ताल खत्म नहीं होगी।
भड़का डॉक्टरों का गुस्सा
डॉक्टरों के समर्थन में लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे भाजपाइयों पर लाठीचार्ज के विरोध में परेड चौराहे पर भाजपाइयों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। एक छात्र पर जलता पुतला गिरने से चेहरा झुलस गया।
वाराणसी में आईएमए के आह्वान पर शहर के निजी चिकित्सक भी मंगलवार को हड़ताल पर रहे।
इधर, आगरा में डॉक्टरों की हड़ताल के चलते एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती और दो मरीजों की मौत हो गई। हड़ताल के चलते मेडिसिन विभाग, प्रसूति रोग विभाग, सर्जरी विभाग में कोई मरीज भर्ती नहीं है। इमरजेंसी, ओपीडी पूरी तरह से बंद हैं।
'जारी रखेंगे लड़ाई'
गोरखपुर में सीनियर और जूनियर डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया और मांगें पूरी न होने तक लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया है। यहां मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ठप रही।
बुधवार को पीएमएस डॉक्टर दो घंटे तक कार्य बहिष्कार करेंगे। उन्होंने दस मार्च से ओपीडी ठप करने की चेतावनी दी है।
स्टूडेंट के इनकार पर जेल ने भेजी कोर्ट को रिपोर्ट
मेडिकल स्टूडेंट के पर्सनल बांड पर साइन न करने और रिहा न होने की जानकारी जेल प्रशासन ने कोर्ट को भेज दी है। अब इन स्टूडेंट से जेल में आम बंदी की तरह व्यवहार की तैयारी हो रही है।
कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद सोमवार देर रात जेल में बंद 24 मेडिकल स्टूडेंट ने पर्सनल बांड पर अंगूठा लगाने से इनकार कर दिया था। सोमवार देर शाम 24 मेडिकल स्टूडेंट को कोर्ट ने 20-20 हजार रुपये की दो जमानतें और इतनी ही राशि के पर्सनल बांड पर जमानत दी थी।