विकास की डगर पर दौड़ते एनसीआर की दशा सुधारने के लिए 4405 करोड़ रुपये की योजना तैयार है। इससे सब रीजन के छह जिलों की पेयजल, सीवर और ड्रेनेज की समस्या को दूर किया जाएगा। रकम की व्यवस्था एनसीआर प्लानिंग बोर्ड करेगा, जो लोन के रूप में शासन को मिलेगी।
दरअसल गाजियाबाद, मेरठ, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बागपत और बुलंदशहर में विकास की संभावनाओं को देखते हुए भविष्य की योजनाओं पर अमल शुरू हो चुका है। आबादी के अनुरूप फिलहाल यहां पेयजल, सीवर और ड्रेनेज की बड़ी समस्या है। इसलिए पहले इन्हीं से निपटा जाएगा।
11 जुलाई 2012 को मेरठ में प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की अध्यक्षता में हुई बैठक में चर्चा के दौरान एनसीआर के इन जिलों में जल और ड्रेनेज सिस्टम में सुधार पर मंथन हुआ था, लेकिन धन की किल्लत के चलते समाधान की दिशा में कदम आगे नहीं बढ़ पाए।
जल निगम के अष्टदश मंडल (गाजियाबाद) ने छह जिलों की 31 परियोजनाएं तैयार कर शासन और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (यूपी रीजन) को सौंप दी है। 5 फरवरी 2013 तक सभी निकायों से सहमति जुटाने की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है।
पहले चरण में यह शहर शामिल
गाजियाबाद, मोदीनगर, मुरादनगर, डासना, हापुड़, पिलखुवा, गढ़ मुक्तेश्वर, मेरठ, मवाना, किठौर, दौराला, बागपत, बड़ौत, खेकड़ा।
दूसरे चरण में इनका नंबर
सरधना, किठौर, हस्तिनापुर, सिवाल खास, लावड़, परीक्षितगढ़, फलावदा, करनावल, खरखौदा, बहसूमा, अमीनगर, मोहउद्दीनपुर, छपरौली, टीकरी, दोघट, अग्रवाल मंडी, अमीनगर सराय, बम्हेटा हाजीपुर, डासना, फरीदनगर, निवारी पतला, बाबूगढ़, लोनी, जेवर, दनकौर, रबूपुरा, दादरी, सालारपुर खादर, बिलासपुर, ककोड़, बुलंदशहर, खुर्जा, सिकंदराबाद, जहांगीरपुर, गुलावठी, स्याना समेत बुलंदशहर जनपद के 16 नगर क्षेत्र।
ये होंगे काम
--वाटर सप्लाई, सीवर सिस्टम, ड्रेनेज सिस्टम और सालिड वेस्ट मैनेजमेंट
--तीन महीने में होगी डीपीआर तैयार
--नये वित्तीय वर्ष में जमीन पर होगा अमल
क्या कहते हैं अधिकारी
जल निगम की ओर से प्लानिंग दे दी गई है। शासन और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड के बीच सहमति के साथ ही जल निगम योजनाओं की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करेगा।- पीके आसूदानी, चीफ इंजीनियर, जल निगम (गाजियाबाद जोन)