फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक दिन में 26 महिलाओं को बनाया निशाना

Wed, 16 Jan 2013 01:53 PM IST
लखनऊ/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकीपुरम पुलिस ने एक बदमाश को गिरफ्तार कर चेन व पर्स लुटेरों के गिरोह का पर्दाफाश किया है। दर्जनों वारदात अंजाम दे चुके बदमाश ने कबूला कि उसने एक ही दिन में 26 महिलाओं को निशाना बनाया था। इनमें 19 की चेन व पर्स लूटी थी।
विज्ञापन


पुलिस ने फरार तीन बदमाशों की तलाश शुरू की है। खासबात यह है कि बदमाशों ने ट्रांसगोमती में ही दो साल में 86 वारदात अंजाम दे दीं और पुलिस को खबर तक नहीं लग सकी।

एसपी क्राइम उमेश कुमार सिंह ने बताया कि जानकीपुरम थाने की टीम ने बाजार खाला के करेहटा ऐशबाग निवासी राहुल वर्मा उर्फ बेटू को बाइक समेत गिरफ्तार किया। उसके पास से सोने की सात चेन, एक मंगलसूत्र, दस हजार रुपये व कई खाली पर्स बरामद किए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह का सरगना राहुल का पड़ोसी साबिर अली है।
विज्ञापन


गिरोह में ठाकुरगंज के सरदारनगर निवासी सूरज उर्फ पिंटू और आलमबाग निवासी उसका साला संदीप सोनी उर्फ छोटू शामिल हैं। राहुल ने कबूला कि वह 10 जनवरी को साबिर को बाइक की पिछली सीट पर बैठाकर वारदात करने निकला। दिन भर में 26 महिलाओं को निशाना बनाया।

सेल्समैन से बना लुटेरा
वर्ष 2005 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद राहुल ने सेल्समैन का काम शुरू किया। तीन साल पहले पड़ोसी साबिर अली से दोस्ती के बाद दोनों ने लूटपाट शुरू कर दी। सोने-चांदी के गहने बनाने का काम करने वाले सूरज व संदीप को साथ लेकर गिरोह बनाया।

लूटी रकम से मौजमस्ती
प्राइवेट नौकरी करने वाले पिता को घर का खर्च चलाने में मुश्किल होती है। ऐसे में मौजमस्ती के लिए रकम मिलना संभव नहीं था। राहुल के ऊंचे ख्वाब का पता चलने पर साबिर ने हवा दी। भीड़ में भी तेज रफ्तार से बाइक दौड़ाने वाले राहुल को साथ लेकर वारदात करने लगा। राहुल लूटी रकम से मौजमस्ती करता था।

माल ठिकाने लगाती थी सरगना की बीवी
राहुल से पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि गिरोह के सरगना साबिर अली ने दूसरे मजहब की महिला से शादी की थी। वह लूटी चेन व अन्य गहनों को पत्नी सोनी के माध्यम से ठिकाने लगाता था। सोनी द्वारा बाजार खाला क्षेत्र की एक ज्वैलरी शॉप पर लूटे गहने बेचे जाने की जानकारी पर पुलिस ने सराफा व्यापारी को हिरासत में लिया था। पुख्ता सबूत न होने पर उसे छोड़ना पड़ा।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें