पुलिस ने समाजसेवी संगठनों और चाइल्ड हेल्प लाइन की मदद से 11 ऐसे बच्चों को उनके घर पहुंचाया है जो न्यू आगरा में भीख मांग रहे थे। इनमें से छह आगरा के ही निवासी हैं। पांच गोरखपुर और महाराष्ट्र के थे। ये लॉकडाउन में आए थे और फिर यहां भीख मांगने लगे।
पिछले दिनों भीख मांगने वाली युवती की हत्या के बाद पुलिस ने यह अभियान चलाया है। न्यू आगरा में तीन बच्चे गोरखपुर के मिले। महिला शांति सेना की वत्सला प्रभाकर और शीला बहल ने इनसे जानकारी की तो इन्होंने बताया कि ये लॉकडाउन में आए थे। माता-पिता और परिवार के अन्य लोग चले गए, ये यहीं पर भीख मांगने लगे। महीने में परिवार से कोई न कोई मिलने के लिए आ जाता है। इसी तरह महाराष्ट्र केबच्चों ने बताया कि वे लॉकडाउन में आए थे।
चाइल्ड हेल्प लाइन की रितु वर्मा ने बताया कि इन बच्चों की सूची तैयार की जा रही है। जिनके माता-पिता की जानकारी नहीं हो पाएगी, उन्हें आश्रय गृह में रखा जाएगा। अन्य को उनके घर पहुंचाया जाएगा।
वत्सला प्रभाकर ने बताया कि फुटपाथ पर रह रही महिलाओं को भी उनके घर पहुंचाया जा रहा है। जिन्हें परिजनों ने निकाल दिया है या जो घर नहीं जाना चाहती हैं, उन्हें रामलाल वृद्धाश्रम भेजा जा रहा है। यह काम मिशन शक्ति के तहत किया जा रहा है।