साक्षी के अलावा ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर अपने कार्यकाल के दौरान महिला पहलवानों के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगया था और मामला दिल्ली की अदालत में चल रहा है। बजरंग और विनेश ने हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम लिया था। विनेश जुलाना से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ी थीं और उन्होंने जीत दर्ज की थी। बजरंग को पार्टी का राष्ट्रीय किसान इकाई का प्रमुख बनाया गया था।
'कोई पद होता तो वो भी साक्षी को दे देती'
बबीता ने कहा, मेरे पास कोई पद नहीं है। साक्षी खुद एक साक्षात्कार में कह चुकी हैं कि मैं भी डब्ल्यूएफआई की अध्यक्ष बन सकती हूं। जो खुद ये बात कह चुकी है तो वह मेरे ऊपर ये आरोप क्यों लगा रही हैं। मतलब जो उनकी इच्छा है वो मुझपर थोप रही हैं। इच्छा उनकी और आरोप मुझे पर। ऐसा नहीं करना चाहिए। जिन पदों की वो बात कर रही हैं, मेरे पास तो वो पद भी नहीं बचा है। मैंने उन बड़े-बड़े पदों का त्याग किया है। मेरे पास आज कोई पद नहीं है, नहीं तो मैं वो पद भी साक्षी को दे देती।