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OCA: एशियाई खेलों में ये बदलाव कर सकता है ओसीए, खेल प्रशासक रणधीर सिंह ने इस कारण खेल संहिता पर खड़े किए सवाल

Thu, 05 Sep 2024 06:56 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

खेल संहिता के तहत कोई अधिकारी किसी खेल महासंघ अधिकतम 12 साल ही काम कर सकता है और ओसीए के कार्यवाहक अध्यक्ष रणधीर इस नियम के पक्ष में नहीं हैं।
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रणधीर सिंह - फोटो : PTI
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एशियाई खेलों में खिलाड़ियों के भारी-भरकम दल को लेकर होने वाली परेशानियों को देखते हुए ओसीए इन महाद्वीपीय खेलों में खिलाड़ियों और स्पर्धाओं में कटौती की तैयारी कर रहा है। अगर यह योजना लागू होती है तो टीम खेलों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा। ओसीए के उप महानिदेशक विनोद कुमार तिवारी ने कहा कि विभिन्न टीम खेलों के महासंघों के साथ बात चल रही है और टीमों तथा स्पर्धाओं में कटौती की योजना है। वहीं, भारत के अनुभवी खेल प्रशासक और एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के भावी अध्यक्ष रणधीर सिंह ने खेल संहिता के नियम पर सवाल खड़े किए हैं।
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तिवारी ने कहा, आइची-नगोया एशियाई खेलों (2026) से हम स्पर्धाओं की संख्या कम करने का प्रयास कर रहे हैं। हम सभी टीम खेलों के महासंघों से बात कर रहे हैं जिससे कि खिलाड़ियों की संख्या इतनी हो जाए जिसका प्रबंधन किया जा सके। हांगझोउ एशियाई खेलों में 15 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया जो अवास्तविक था। हम फुटबॉल में एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी) से बात कर चुके हैं। हम एशियाई खेलों में खेलने वाली टीमों की संख्या में कटौती पर बात कर रहे हैं। पहले क्वालिफाइंग टूर्नामेंट होगा और फिर क्वालीफाई करने वाली टीमें एशियाई खेलों में हिस्सा लेंगी। चीन ने 15 हजार खिलाड़ियों का प्रबंधन कर लिया था लेकिन जापान में ऐसा करना नामुमकिन होगा।

अधिकतम 12 साल काम करने के पक्ष में नहीं हैं रणधीर 
रणधीर ने किसी महासंघ में पदाधिकारियों के कार्यकाल की संख्या को सीमित करने वाले खेल संहिता के नियम पर सवाल उठाए और कहा कि इससे अनुभवी और मजबूत प्रशासक तैयार नहीं हो पा रहे हैं। खेल संहिता के तहत कोई अधिकारी किसी खेल महासंघ अधिकतम 12 साल ही काम कर सकता है और ओसीए के कार्यवाहक अध्यक्ष रणधीर इस नियम के पक्ष में नहीं हैं। रणधीर ने कहा,  जब मैं ओलंपिक समिति में था जो हम ओलंपिक अभियान की स्वायत्ता के लिए लड़े थे। सरकार ने हम पर दबाव बनाने का प्रयास किया था लेकिन हम दबाव में नहीं आए। हम सरकार और आईओसी के पास प्रतिनिधिमंडल लेकर गए थे जिसने कहा था कि ओलंपिक अभियान की स्वायत्ता सर्वोच्च है। दुर्भाग्य से अब संविधान में बदलाव हुआ है और आईओसी ने इस नियम को स्वीकार कर लिया है

उन्होंने कहा, विश्व और अंतरराष्ट्रीय महासंघों में आपके लोग होने चाहिए जो आपकी मदद करें। आपके मजबूत नेतृत्वकर्ता वहां होने चाहिए। अब आपको अपने करियर में सिर्फ 12 साल का समय दिया गया है। भारतीय ओलंपिक संघ और महासंघ में आप सबसे पहले कार्यकारी बोर्ड के सदस्य बनते हैं तो आपको कोई सीधे अध्यक्ष नहीं बनाएगा। फिर आप संयुक्त सचिव, महासचिव बनेंगे, उपाध्यक्ष बनेंगे। जब तक आप इस प्रक्रिया से गुजरेंगे तो आपके 12 साल खत्म हो जाएंगे।
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रणधीर ने कहा, फिर आपको अंतरराष्ट्रीय महासंघ के लिए भी इसी तरह की तैयारी करनी होगी। मैं ओसीए में 1991 से हूं। मैं अब अध्यक्ष बन रहा हूं, अगर आप काम नहीं करेंगे तो आपको कोई नहीं जानेगा। लॉबिंग के जरिए शीर्ष पद पर अचानक आने की संभावना बेहद कम होती है लेकिन इसके लिए भी काफी काम करना पड़ता है। आपको खुद को स्थापित करने में काफी समय लगता है जिसके लिए 12 साल का समय काफी कम है।
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