आखिरी दिन टीम ने एक भव्य समारोह आयोजित किया जहां बागेश्वर के जिला खेल अधिकारी श्री विनोद बलदीया को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। श्री बलदीया ने प्रत्येक खेल के विजेता को पुरस्कृत किया एवं बच्चों को प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि घाटी के ही एक गांव बदियाकोट में खेल के मैदान तैयार करेंगे एवं इस खेल मैदान के लिए कुछ राशि भी इकठ्ठा करेंगे ताकि घाटी में भी ऐसी स्पर्धाएं आयोजित की जा सकें।
दि हंस फाउंडेशन के प्रयासों को देखते हुए उन्होंने घाटी के लिए जूनियर स्पोर्ट्स कोच नियुक्त करने की घोषणा की। इसका मकसद स्पोर्ट्स कैंप आयोजित कर घाटी के प्रतिभावान युवाओं एवं बच्चों की पहचानकरना है। इसके बाद इन युवाओं एवं बच्चों को उनके प्रदर्शन के आधार पर जिला के विभिन्न खेल स्कूलों में भर्ती कराया जाएगा। जहां उनकी नियमित शिक्षा के साथ-साथ उनकी खेल प्रतिभा को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही जूनियर कोच का वेतन दि हंस फाउंडेशन द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा।
इस तरह की पहल के साथ, पिंडर घाटी के लोग आने वाले समय में एक और बदलाव देखेंगे। जहां बच्चों और युवाओं के पास करियर बनाने का अवसर होगा और वे अपने गांव का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन कर सकेंगे।