एआईटीए के महासचिव अनिल धूपर ने कहा, ‘आईटीएफ ने एकल के लिए नागल के प्रवेश की पुष्टि की है। हमने उनसे बात की और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है। हमने भारतीय ओलंपिक संघ से संपर्क किया है और उनके ‘एक्रिडिटेशन’ की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।’
आईटीएफ पुरुष युगल ड्रा भरने के लिए एकल खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे रहा है इसलिए एआईटीए को बोपन्ना के साथ नागल को मैदान में उतरने का मौका मिला है। हमने इसके लिए पहले दिविज शरण के साथ उन्हें नामांकित किया था।
बता दें कि बोपन्ना और दिविज शरण को टोक्यो ओलंपिक में अभी तक जगह नहीं मिली है। बोपन्ना और दिविज की संयुक्त रैंकिंग 113 और विकल्पों की सूची में वे चौथे स्थान पर है।
धूपर ने कहा, ‘हमने दिविज शरण का नामांकन वापस ले लिया है और नयी टीम आईटीएफ को भेज दी है। देखते हैं बोपन्ना और नागल की जोड़ी को जगह मिल पाती है या नहीं।’
इसकी संभावना है कि बोपन्ना पुरुष युगल के लिए जगह बना ले क्योंकि नागल और सानिया मिर्जा मिश्रित युगल स्पर्धा में जगह बनाने की संभावना कम है क्योंकि इसमें सिर्फ 16 टीमें भाग लेंगी।
बोपन्ना और नागल के पुरुष युगल में प्रवेश को लेकर आईटीएफ ने अभी तक पुष्टि नहीं की है।
आईटीएफ के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, ‘हम युगल परिदृश्य पर अटकलें लगाने की स्थिति में नहीं हैं। गुणेश्वरन अभी भी कट ऑफ से कुछ स्थान ही नीचे हैं।’
महिला युगल के ड्रा में अब तक केवल सानिया मिर्जा और अंकिता रैना का ही भारतीय जोड़ी के रूप में प्रवेश सुनिश्चित है। सानिया ने अंकिता के साथ प्रवेश करने के लिए अपनी संरक्षित नौवीं रैंकिंग का इस्तेमाल किया।
ओलंपिक टेनिस युगल में सभी शीर्ष-10 खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश मिलता है। इन खिलाड़ियों के लिए शीर्ष 300 रैंकिंग में शामिल देश के किसी भी खिलाड़ी के साथ जोड़ी बनाने की छूट होती है।