दुनिया के नंबर दो टेनिस खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव ने पहली बार ग्रैंड स्लैम में दो सेट से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए जीत दर्ज की। मेदवेदेव ने 2017 के उपविजेता मारिन सिलिच को 6-7, 3-6, 6-3, 6-3, 6-2 से शिकस्त देकर पहली बार विंबलडन के अंतिम-16 में प्रवेश किया। चौथी बार ऑल इंग्लैंड क्लब में खेल रहे 25 वर्षीय मेदवेदेव की यह ग्रास कोर्ट पर लगातार सातवीं जीत है। वह चारों ग्रैंड स्लैम के चौथे दौर में पहुंचने वाले सातवें रूसी खिलाड़ी हैं।
उनसे एक दिन पहले आंद्रे रूबलेव ऐसा करने वाले छठे खिलाड़ी बने थे। मेदवेदेव का सामना अब पोलैंड के ह्यूबर्ट हर्काज से होगा जिन्होंने कजाखस्तान के अलेक्जेंडर बुबलिक को 6-3, 6-4, 6-2 से मात देकर पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के चौथे दौर का टिकट कटाया। बुबलिक ने यह मुकाबला मात्र 87 मिनट जीता और उन्होंने अभी तक एक भी सेट नहीं गंवाया है।
ओपन युग में पहली बार तीन रूसी खिलाड़ी : ओपन युग (1968) के बाद पहली बार तीन रूसी पुरुष खिलाड़ी विंबलडन के चौथे दौर में पहुंचे हैं। इनमें मेदवेदेव के अलावा रूबलेव और कारेन खाचानोव हैं।
बार्टी की टक्कर बारबोरा से
दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी एशले बार्टी अपनी युगल जोड़ीदार चेक गणराज्य की कैटरीना सिनिकोवा को एक घंटे 37 मिनट तक चले मुकाबले में 6-3, 7-5 से शिकस्त देकर लगातार दूसरी पार प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं। पहली बार अंतिम आठ में जगह बनाने के लिए अब बार्टी की टक्कर फ्रेंच ओपन की चैंपियन गणराज्य की ही बारबोरा क्रेजसिकोवा से होगी। बारबोरा ने लातविया की अनास्तासिजा सेवस्तोवा को दो घंटे 31 मिनट तक चले मुकाबले में 7-6, 3-6, 7-5 से पराजित किया।