दुनिया के नंबर दो टेनिस खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव मंगलवार को विंबलडन से बाहर हो गए। उन्हें चौथे दौर में पोलैंड के ह्यूबर्ट हर्काज के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। 24 साल के हर्काज ने मेदवेदेव को 2-6 7-6(2) 3-6 6-3 6-3 से हराकर पहली बार ग्रैंड स्लैम के क्वार्टरफाइनल में अपनी जगह बनाई। वह इस साल पहली बार विंबलडन के क्वार्टरफाइनल में प्रवेश करने वाले पांचवें पुरुष खिलाड़ी हैं। हर्काज का अगला मुकाबला बुधवार को आठ बार के चैंपियन रोजर फेडरर से होगा।
बता दें कि मेदवेदेव ने 2017 के उपविजेता मारिन सिलिच को 6-7, 3-6, 6-3, 6-3, 6-2 से शिकस्त देकर पहली बार विंबलडन के अंतिम-16 में प्रवेश किया था। चौथी बार ऑल इंग्लैंड क्लब में खेल रहे 25 वर्षीय मेदवेदेव की यह ग्रास कोर्ट पर लगातार सातवीं जीत थी। वह चारों ग्रैंड स्लैम के चौथे दौर में पहुंचने वाले सातवें रूसी खिलाड़ी बने थे। वहीं, ह्यूबर्ट हर्काज ने कजाखस्तान के अलेक्जेंडर बुबलिक को 6-3, 6-4, 6-2 से मात देकर पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के चौथे दौर का टिकट कटाया था। बुबलिक ने यह मुकाबला मात्र 87 मिनट जीता था।
प्लिसकोवा-सबालेंका सेमीफाइनल में
चेक गणराज्य की आठवीं वरीयता प्राप्त कारोलिना पिलिसकोवा ने स्विट्जरलैंड की विक्टोरिया गोलुबिच को 6-2, 6-2 से पराजित करके पहली बार विंबलडन सेमीफाइनल में जगह बनाई। वहीं, दूसरी वरीयता प्राफ्त बेलारूस की अर्यना सबालेंका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला एकल के सेमीफाइनल में जगह बनाई। उन्होंने ट्यूनीशिया की ओंस जबौर को 6-4, 6-3 से हराया। अब उनका सामना आठवीं वरीयता प्राप्त प्लिसकोवा से होगा।
पूर्व चैंपियन केर्बर चौथी बार सेमीफाइनल में
पूर्व चैंपियन जर्मनी की एंजेलिक केर्बर चौथी बार विंबलडन के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। क्वार्टरफाइनल में पूर्व चैंपियन ने चेक गणराज्य की कारोलिना मुचोवा को 6-2, 6-3 से हराया।ग्रास कोर्ट पर यह उनकी 80वीं जीत है। फाइनल में जगह बनाने के लिए केर्बर का सामना ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी या अजला टोमलजानोविच से होगा।
बार्टी ने केवल 66 मिनट में हमवतन टोमलजानोविच को हराया
दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी, दूसरी वरीयता प्राप्त बेलारूस की अर्यना सबालेंका , चेक गणराज्य की कैरोलिना प्लिसकोवा और जर्मनी की एंजेलिक केर्बर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विंबलडन के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। बार्टी ने हमवतन अजला टोमलजानोविच को केवल 66 मिनट में 6-1, 6-3 से हराकर पहली बार विंबलडन के सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई, जहां उनका सामना केर्बर से होगा।