रोहन बोपन्ना और रामकुमार रामनाथन की जोड़ी शनिवार को यहां ‘करो या मरो’ के युगल मैच में हार गई जिससे भारत ने फिनलैंड के खिलाफ विश्व ग्रुप एक मुकाबला गंवा दिया।
कप्तान रोहित राजपाल ने अंतिम मिनट में युगल जोड़ी बदलकर बोपन्ना को दिविज शरण के बजाय रामकुमार के साथ उतारा। पर इससे भी भारत को मदद नहीं मिली और इस अहम मैच में बोपन्ना और रामकुमार की जोड़ी हैनरी कोंटिनेन और हैरी हेलियोवारा से एक घंटे 38 मिनट में 6-7 6-7 से हार गई।
इस तरह फिनलैंड ने मुकाबले में 3-0 से अजेय बढ़त बना ली। प्रजनेश गुणेश्वरन और रामनाथन दोनों शुक्रवार को अपने एकल मैच गंवा चुके थे जिससे मुकाबले में बने रहने के लिए भारतीयों को युगल मुकाबला जीतने की जरूरत थी। अब उलट एकल मैच महत्वहीन हो गए हैं।
हेलियोवारा को कोर्ट पर चारों खिलाड़ियों में सबसे कमजोर माना जा रहा था लेकिन उन्होंने अपने खेल में कई गुना सुधार किया और मैच के नतीजे को प्रभावित किया। वहीं दूसरी ओर भारतीय जोड़ी ने जब बढ़त बनाई हुई थी, तब इसे गंवा बैठी। उन्होंने दूसरे सेट में आठ गेम में चार ब्रेकप्वाइंट गंवाये। जबकि इनमें जीतने से उन्हें मेजबान जोड़ी पर दबाव बनाने का मौका मिल जाता।
प्रजनेश शुक्रवार को अपने से निचली रैंकिंग खिलाड़ी से हार गए जबकि रामकुमार रामनाथन को भी दूसरे एकल में पराजय झेलनी पड़ी। विश्व रैंकिंग में 165वें स्थान पर काबिज प्रजनेश को रैंकिंग में काफी नीचे के खिलाड़ी ओटो विर्तानेन (419वीं रैंकिंग) से एक घंटे 25 मिनट तक चले मैच में 3-6, 6-7 से हार का सामना करना पड़ा।
रामकुमार रामनाथन (187वीं रैंकिंग) ने दूसरे मैच में फिनलैंड के नंबर एक खिलाड़ी एमिल रूसुवुओरी को कड़ी चुनौती पेश की लेकिन वह विश्व रैंकिंग में 74वें स्थान पर काबिज खिलाड़ी से 4-6 5-7 से हार गए। भारत को अच्छा ड्रॉ मिला था जिसमें प्रजनेश निचली रैंकिंग के खिलाड़ी से खेल रहे थे लेकिन विर्तानेन ने आसान जीत हासिल की।