भारतीय डेविस कप टीम आखिरी बार 1964 में पाकिस्तान गई थी जब लाहौर में हुआ मुकाबला भारत ने 4-0 से जीता था। भारत और पाकिस्तान का सामना 2019 में भी हुआ था, लेकिन वह मुकाबला कजाखस्तान में खेला गया था ।
भारतीय टीम को आगामी डेविस कप टेनिस मुकाबले के लिए पाकिस्तान जाने की मंजूरी मिल सकती है। अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने शनिवार को यह जानकारी दी ।एआईटीए ने हाल ही में खेल मंत्रालय से सलाह मांगी थी कि क्या वह तीन और चार फरवरी को पाकिस्तान में होने वाले विश्व ग्रुप वन प्लेऑफ के लिए टीम भेज सकते हैं ।
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एआईटीए महासचिव अनिल धूपर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा- हमें अभी तक लिखित में मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन जल्दी ही मिल जाएगी। हमें बताया गया है कि चूंकि यह द्विपक्षीय सीरीज नहीं है और आईटीए इसका आयोजन कर रहा है तो सरकार ऐसे टूर्नामेंटों में दखल नहीं देती।
उन्होंने कहा- इसकी एक प्रक्रिया है। खेल मंत्रालय ने विदेश और गृह मंत्रालय को अनुरोध भेज दिया है और उनकी राय के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। हमें जल्दी ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है । हम मुकाबले और यात्रा की तैयारी कर रहे हैं।
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इस बीच पाकिस्तान टेनिस महासंघ (पीटीएफ) ने शनिवार को कहा कि इस्लामाबाद में होने वाले डेविस कप मुकाबले में एआईटीए के खिलाड़ियों और अधिकारियों की भागीदारी को लेकर उसे अंतिम पुष्टि का इंतजार है। पीटीएफ अध्यक्ष सलीम सैफुल्लाह ने कहा- एआईटीएफ ने हमें वीजा के लिए 11 अधिकारियों और सात खिलाड़ियों की सूची भेजी है। हमें उनके आने की अंतिम पुष्टि का इंतजार है।
सैफुल्लाह ने कहा कि एआईटीए को अपनी टीम के आगमन की अंतिम पुष्टि के लिये समय सीमा दी गई है। अगर वह नहीं आते हैं तो अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ मेजबान को पूरे अंक देने पर विचार कर सकता है। भारतीय डेविस कप टीम आखिरी बार 1964 में पाकिस्तान गई थी जब लाहौर में हुआ मुकाबला भारत ने 4-0 से जीता था। भारत और पाकिस्तान का सामना 2019 में भी हुआ था, लेकिन वह मुकाबला कजाखस्तान में खेला गया था ।