ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर फिल ह्यूज की शैफील्ड शील्ड के एक मैच में बाउंसर से असमय मौत से क्रिकेट में बाउंसर पर प्रतिबंध लगाने की आवाज उठी। इस पर हालांकि क्रिकेट जगत एकमत नहीं है। बावजूद इसके हॉकी में गोल करने के प्रमुख हथियार ड्रैग फ्लिक को रोकने को डिफेंडरों के लिए हेलमेट लगाने की चर्चा शुरू हो गई है।
शनिवार से शुरू हो रही चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी में भारत के कप्तान सरदार सिंह और पाकिस्तान के कप्तान मोहम्मद इमरान ने एक सुर में हॉकी में ड्रैग फ्लिक को रोकते वक्त डिफेंडरों के लिए हेलमेट को जरूरी करने की वकालत की है।
सरदार सिंह ने कहा कि क्रिकेट की तरह हॉकी में खासतौर पर ड्रैग फ्लिक को रोकने वक्त उन्हें महफूज रखने के लिए अब डिफेंडरों के लिए भी हेलमेट जरूरी कर देना चाहिए। कौन जाने, किस दिन तकदीर दगा दे जाए।
हादसा कहीं भी, कभी भी हो सकता है?
कप्तान सरदार ने कहा, "खतरनाक ड्रैग फ्लिक को रोकने के लिए पूरी मुस्तैदी के बावजूद जरा भी निगाह चूकी तो कोई भी इसे रोकने वाला डिफेंडर चोट खा सकता है।" इमरान ने कहा, "हादसा कहीं भी, कभी भी हो सकता है।"
उन्होंने आगे कहा, "हादसे के खतरे को हॉकी में हम भले ही पूरी तरह खत्म नहीं कर सकते, लेकिन इसे कम करने की कोशिश जरूर कर सकते हैं। हॉकी में ड्रैग फ्लिक को रोकने के लिए गोलकीपर के साथ यदि डिफेंडर के लिए भी हेलमेट जरूर कर दिया जाए तो इससे हम हादसों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।"