मुंबई के बेब्रोर्न स्टेडियम में खेला गया आईपीएल 7 का अंतिम क्वालफायर मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। इस मैच में खूब रन बने। पहले वीरेंद्र सहवाग के शानदार शतक के बाद सुरेश रैना ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की। इसी मैदान पर मुंबई इंडियंस ने रोमांचक बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान रॉयल्स को टूर्नामेंट से बाहर कराया था।
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इस मैच में 40 ओवर में बने कुल 428 रन, जबकि सिर्फ 13 विकेट ही गिरे। साथ ही दोनों टीमों की ओर से 22 छक्कों के अलावा 36 चौके भी लगे।
साथ ही और भी कई दिलचस्प बातें हुई इस मैच में।
शतक में वीरू के 12 चौके के अलावा 8 छक्के
किंग्स इलेवन पंजाब के ओपनर और आतिशी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग लंबे समय से अपने चिर-परिचित फॉर्म में नहीं दिख रहे थे। हालांकि वह इस टूर्नामेंट ठीक-ठाक रन बना जरूर रहे थे लेकिन जिस बड़ी पारी के लिए वो जाने जाते थे वो दूसरे क्वालीफायर मैच से पहले नहीं दिखा था।
लेकिन पंजाब के लिए उन्होंने उस समय निणार्यक पारी खेली जब ग्लेन मैक्सवेल (13) और डेविड मिलर (38) पिछले कुछ मैचों में असफल रहे थे। सहवाग ने मनन वोहरा (34 रन, 31 गेंद) के साथ जोरदार शुरुआत करते हुए 10 ओवर में सौ से ज्यादा रनों की साझेदारी कर डाली।
21 गेंदों में अर्धशतक लगाने के बाद सहवाग ने 50 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। अपनी शतकीय पारी में में उन्होंने 12 चौके के अलावा 8 दिलकश छक्के भी लगाए।
वीरू ने पूरी की आर्यवीर की मांग
वीरेंद्र सहवाग अपनी आतिशी पार के लिए जाने जाते हैं। टेस्ट मैच में भी वह टी-20 वाली पारी खेलते हैं। लेकिन लंबे समय से वह अपने पुराने अंदाज में नहीं दिख रहे थे। उनकी असफलता से न सिर्फ उनके प्रशंसक दुखी थे बल्कि उनका बेटा भी बेहद उदास था।
शतक लगाने के बाद सहवाग ने खुलासा किया कि उनकी लगातार नाकामी पर उनके बेटे को उसके दोस्त अक्सर चिढ़ाते थे। उसके दोस्त पूछते थे कि तुम्हारे पिता के बल्ले से अगली बार रन कब बनेगा।
सहवाग ने कहा, "अगले दिन मेरी पत्नी मुझे फोन करती और बेटे (आर्यवीर) को फोन थमा देती, और वह पूछता कि पापा आप कैसे आउट हो जा रहे हो। स्कूल में मेरे दोस्त मुझे चिढ़ाते हैं कि तुम्हारे पापा रन कब बनाएंगे।" इस पर उन्होंने अपने बेटे से कहा कि इंतजार करो बेटा।
सुरेश रैना ने 16 गेंदों में ठोका अर्धशतक
बाएं हाथ के बल्लेबाज सुरेश रैना जब बल्लेबाजी करने उतरे उस समय चेन्नई सुपर किंग्स टीम खासे दबाव में थी। 227 रनों के विशाल लक्ष्य के जवाब में चेन्नई ने पारी की दूसरी ही गेंद पर ओपनर फैफ डु प्लेसिस (0) आउट हो गए।
इसके बाद रैना क्रीज पर उतरे और ड्वेन स्मिथ (7) के साथ आतिशी बल्लेबाजी शुरू कर दी। उनकी आतिशी पारी का आलम यह था कि दूसरे विकेट के लिए हुए 66 रनों की साझेदारी में स्मिथ महज 7 रन ही जोड़ पाए थे।
रैना ने धुआंधार अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 16 गेंदों में अर्धशतक लगा दिया। वह कुछ दिन पहले कोलकाता नाइटराइडर्स के तूफानी बल्लेबाज यूसुफ पठान के 15 गेंदों में अर्धशतक लगाने के आईपीएल रिकॉर्ड की बराबरी करने से महज एक गेंद से दूर रह गए। 16 गेंदों में उन्होंने 7 चौके और 4 छक्के लगाए थे।
पावरप्ले में सबसे तेज रन बनाने का बनाया रिकॉर्ड
सुरेश रैना की आतिशी पारी को देखकर ऐसा लग रहा था कि चेन्नई 20 ओवर में 227 रनों का बेहद मुश्किल सा लक्ष्य हासिल कर लेगी।
रैना की पारी का ही कमाल था कि उन्होंने टीम के स्कोर को 6 ओवर में 100 रन तक पहुंचा दिया। उन्होंने अपने दम पर टी-20 मैच के पावरप्ले में पहली बार स्कोर 100 के पार करा दिया।
किसी मैच में एक पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड 86 रन था। 2 बार की चैंपियन टीम चेन्नई को यहां से 14 ओवर में 127 रन चाहिए थे। इस लिहाज से टीम को हर ओवर में 9 रन बनाने थे।
रन आउट बना मैच का टर्निंग प्वाइंट
सुरेश रैना ने चेन्नई की पारी का पावरप्ले खत्म होने तक 25 गेंदों में 12 चौके और 6 छक्के के दम पर 87 रन बना लिए थे और टीम अब अपने लक्ष्य से 127 रन दूर थी।
लेकिन सातवें ओवर की पहली गेंद पर करनवीर सिंह की गेंद को कवर की दिशा में खेला लेकिन क्षेत्ररक्षक जॉर्ज बैली ने सीधे थ्रो से रैना को रन आउट करा दिया। रैना का आउट होना मैच का टर्निंग प्वाइंट बन गया।
रैना के आउट होने के बाद क्रीज पर आए बल्लेबाज ज्यादा कमाल नहीं दिखा सके। ब्रैडन मैक्कुलम (11), रवींद्र जडेजा (27), डेविड हसी (1) और आर अश्विन (10) सस्ते में आउट होते गए। हालांकि कप्तान धोनी ने 31 गेंदों में 3 चौके और 3 छक्के के दम पर नाबाद 42 रन बनाकर लक्ष्य के करीब पहुंचने की कोशिश की लेकिन दूसरे छोर से साथ नहीं मिलने के कारण टीम को हार का सामना करना पड़ा।
दूसरे क्वालीफायर में किंग्स इलेवन पंजाब की टीम 226 रन बनाकर मैच आधा जीत चुकी थी। लेकिन सुरेश रैना की धमाके ने मैच का रुख ही बदल कर रख दिया।
रैना जिस अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे उससे स्टेडियम में तो रोमांच बना हुआ था लेकिन मैदान पर मौजूद क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम परेशान थी कि वे रैना से कैसे निजात पाएं।
इस बीच चेन्नई के रैना ने टीम की पारी के छठे ओवर में पंजाब के तेज गेंदबाज परविंदर अवाना पर 33 रन ठोक दिए। पहली 2 गेंदों पर छक्का जमाने के बाद उन्होंने अगले 4 गेंदों पर 5 चौका जड़ दिया। अवाना ने पांचवीं गेंद नो बॉल डाली जिस पर उन्होंने चौका जमाया। इसके बाद अगली गेंद पर भी रैना ने चौका जड़ दिया।