सानिया मिर्जा फरवरी में अपना अंतिम ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट खेल सकती हैं। सानिया ने यूएस ओपन 2022 में टेनिस से संन्यास लेने की योजना बनाई थी लेकिन चोट लगने के कारण उन्हें ग्रैंड स्लैम से चूकना पड़ा। सानिया ने कम उम्र में टेनिस खेलना शुरू किया और वैश्विक स्तर पर भारत का मान कई बार बढ़ाया। कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए मेडल जीते। आइए उनके करियर पर एक नजर डालते हैं...
छह साल की उम्र में टेनिस सीखना शुरू किया
सानिया मिर्जा का जन्म 15 नवंबर 1986 को मुंबई में हुआ था। उनका बचपन हैदराबाद में गुजरा। जन्म के बाद सानिया के पिता इमरान मिर्जा काम के चलते हैदराबाद आ गए। इमरान मिर्जा एक स्पोर्ट्स पत्रकार थे। बाद में उन्होंने एक प्रिंटिंग बिजनेस की शुरुआत की। जब सानिया महज 6 साल की थीं तो उनके पिता ने सानिया को हैदराबाद के निजाम क्लब में दाखिला दिला दिया। हालांकि, वहां के कोच ने इतनी छोटी बच्ची को सिखाने से मना कर दिया था, लेकिन सानिया मिर्जा के टेनिस के हुनर को देखते हुए प्रशिक्षण देने के लिए राजी हो गए।
सानिया ने जमकर मेहनत की
कम उम्र में ही सानिया ने टेनिस की प्रैक्टिस शुरू कर दी थी। उनके पहले टेनिस गुरु पूर्व खिलाड़ी महेश भूपति हैं, जिन्होंने सानिया को टेनिस की शुरुआती शिक्षा दी। बाद में सिकंदराबाद के सिनेट टेनिस अकादमी में सानिया ने ट्रेनिंग ली और फिर अमेरिका आ गईं, जहां एस टेनिस अकादमी ज्वाइन कर ली।
1999 में खेला था पहला प्रोफेशनल टूर्नामेंट
1999 में जकार्ता में हुए विश्व जूनियर चैंपियनशिप में सानिया मिर्जा ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेला था। बाद में 2003 में विम्बलडन चैंपियनशिप गर्ल्स डबल्स में खिताब भी जीता। 2003 यूएस ओपन गर्ल्स डबल्स के सेमीफाइनल तक पहुंचीं। एफ्रो-एशियाई खेलों में सानिया ने चार स्वर्ण पदक जीते। शुरुआत में सानिया सिंगल्स में भी हिस्सा लेती थीं।
सिंगल्स में 2005 और 2008 में सानिया ऑस्ट्रेलियन ओपन के तीसरे राउंड तक पहुंची थीं। 2005, 2007, 2008 और 2009 में सानिया विम्बलडन के दूसरे राउंड तक पहुंचीं, जो उनका बेस्ट रहा। 2005 में सानिया यूएस ओपन के चौथे राउंड तक पहुंची थीं, जो उनका बेस्ट रहा। वहीं, फ्रेंच ओपन में सानिया 2007 और 2011 में दूसरे राउंड तक पहुंचीं थीं। सिंगल्स में ज्यादा कामयाबी नहीं मिलने के बाद सानिया ने डबल्स में हाथ आजमाया।
2009 में सानिया ने जीता था पहला ग्रैंड स्लैम
2009 में सानिया ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन में महेश भूपति के साथ मिक्स्ड डबल में पहला ग्रैंड स्लैम जीता। इसके बाद 2012 में मिक्स्ड डबल्स में ही फ्रेंच ओपन और 2014 में यूएस ओपन जीता था। सानिया मिर्जा ने अपने करियर में कुछ छह ग्रैंड स्लैम जीते हैं। मिक्स्ड डबल्स के अलावा सानिया ने महिला डबल्स में भी तीन ग्रैंड स्लैम जीते। सानिया और पूर्व स्टार मार्टिना हिंगिस की जोड़ी खूब कामयाब हुई थी। दोनों ने कुल 14 टाइटल्स जीते।
ओलंपिक भी खेल चुकीं सानिया मिर्जा
इनमें 2016 में ऑस्ट्रेलियन ओपन, 2015 में विम्बलडन और यूएस ओपन भी शामिल है। सानिया ओलंपिक में भी हिस्सा ले चुकी हैं। उन्होंने 2008 में बीजिंग ओलंपिक खेला था। सिंगल्स में सानिया पहले राउंड से ही बाहर हो गई थीं। हालांकि, महिला डबल्स के दूसरे राउंड तक ही पहुंच सकी थीं। इसके अलावा 2016 में वह रियो ओलंपिक में मिक्स्ड डबल्स में हिस्सा लिया था और सेमीफाइनल तक पहुंची थीं।
खेल रत्न से सानिया को नवाजा जा चुका
सानिया को मिला था खेल रत्न अवॉर्ड
सानिया मिर्जा अर्जुन अवॉर्ड (2004), पद्म श्री (2006), खेल रत्न (2015) और पद्म भूषण (2016) से भी सम्मानित की जा चुकी हैं। सानिया मिर्जा ने काफी दिनों तक पाकिस्तान के स्टार क्रिकेटर शोएब मलिक को डेट करने के बाद 2010 में उनसे शादी की थी। सानिया ने 30 अक्तूबर, 2018 को बेटे इजहान मिर्जा मलिक को जन्म दिया। हालांकि, पिछले साल सानिया और शोएब की तलाक की खबरें भी सामने आईं, लेकिन दोनों ने इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया था। फिलहाल दोनों पाकिस्तान का एक शो मिर्जा-मलिक शो को होस्ट कर रहे हैं।