टेनिस के बेताज बादशाह स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर ने संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। वह अगले हफ्ते लंदन में होने वाले लेवर कप के बाद टेनिस को हमेशा के लिए अलविदा कह देंगे। गुरुवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक नोट पोस्ट कर इसका एलान किया। फेडरर दुनिया के तीसरे सबसे ज्यादा ग्रैंडस्लैम जीतने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपने करियर में कुल 20 ग्रैंड स्लैम जीते। इनमें छह ऑस्ट्रेलियन ओपन, एक फ्रेंच ओपन, आठ विम्बलडन और पांच यूएस ओपन के खिताब शामिल हैं।
फेडरर ने अपने नोट में लिखा- उन सभी उपहारों में से, जो टेनिस ने मुझे कई वर्षों में दिया है, उनमें से सबसे बड़ा उपहार वह लोग हैं जिनसे मैं इस रास्ते पर मिला हूं। मेरे दोस्त, मेरे प्रतियोगी और सभी प्रशंसक जो खेल को अपना जीवन देते हैं, वह सभी मेरे उपहार हैं। आज मैं आप सभी के साथ एक खबर साझा करना चाहता हूं।
रोजर फेडरर
- फोटो : सोशल मीडिया
यह भी पढ़ें: Roger Federer: जब बीच मैच में फेडरर ने फोटो के लिए दिए थे कई पोज, सिर्फ टेनिस नहीं फुटबॉल में भी महारत, VIDEO
स्विस टेनिस महान ने आगे पुष्टि की कि लेवर कप का आगामी संस्करण उनका अंतिम एटीपी टूर्नामेंट होगा। लेवर कप 23 से 26 सितंबर तक लंदन में खेला जाएगा। फेडरर पिछले तीन वर्षों से टेनिस कोर्ट में वापसी करने के लिए जूझ रहे हैं। हालांकि, घुटने की सर्जरी की वजह से वह पूरी तरह से फिट होने में नाकाम रहे हैं। फेडरर ने नोट में अपने संघर्ष की कहानी भी बताई है।
उन्होंने लिखा- मैं 41 साल का हूं। मैंने 24 साल के करियर में 1500 से ज्यादा मैच खेले हैं। टेनिस ने मेरे साथ पहले से कहीं अधिक उदारता से व्यवहार किया है और अब मुझे यह पहचानना होगा कि मेरे प्रतिस्पर्धी करियर को समाप्त करने का समय कब है। अगले हफ्ते लंदन में लेवर कप मेरा अंतिम एटीपी इवेंट होगा। मैं निश्चित रूप से भविष्य में और अधिक टेनिस खेलूंगा, लेकिन यह किसी ग्रैंड स्लैम या किसी टूर पर नहीं होगा।
फेडरर ने लिखा- पिछले 24 साल मेरे लिए शानदार रहे हैं। कभी-कभी ऐसा लगता है कि यह 24 साल महज 24 घंटे में ही हुए हैं। यह एक ऐसा अनुभव है, जैसे कि मैंने पूरी जिंदगी जी ली हो। मेरा सौभाग्य है कि मुझे आप जैसे दर्शकों के सामने और 40 अलग-अलग देशों में खेलने का मौका मिला। इस दौरान मैं हंसा हूं और रोया भी हूं, खुशी मिली और दर्द भी मिला, लेकिन मैंने खुद के लिए अच्छा महसूस किया है।
फेडरर ने टेनिस में कई रिकॉर्ड तोड़े
रोजर फेडरर और राफेल नडाल
- फोटो : सोशल मीडिया
यह भी पढ़ें: Roger Federer: फेडरर के संन्यास पर भावुक हुए तेंदुलकर, कहा- आदतें कभी नहीं छूटतीं, राफेल नडाल ने कही यह बात
पिछले कुछ वर्षों में फेडरर ने पुरुष एकल टेनिस में कई रिकॉर्ड तोड़े हैं। उन्हें महानतम टेनिस खिलाड़ियों में से एक के रूप में जाना जाता है। टेनिस आइकन फेडरर ने 20 ग्रैंड स्लैम के अलावा 103 करियर एटीपी खिताब जीते हैं। इवान ल्यूबिचिच और सेवेरिन लूथी की देखरेख में फेडरर ने 1998 में प्रोफेशनल टेनिस करियर की शुरुआत की थी।
रोजर फेडरर
- फोटो : सोशल मीडिया
फेडरर 2018 में 36 साल की उम्र में सबसे उम्रदराज विश्व नंबर एक टेनिस खिलाड़ी बने। बीस बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन फेडरर ने करियर में कुल 1526 सिंगल्स मैच खेले और कभी भी रिटायर्ड नहीं हुए। स्विस आइकन ने अपने करियर में 223 डबल्स मैच खेले हैं।
राफेल नडाल, नोवाक जोकोविच और रोजर फेडरर
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व नंबर एक सर्बिया के नोवाक जोकोविच से पहले फेडरर के नाम से ही सबसे ज्यादा लंबे समय तक नंबर वन रहने का रिकॉर्ड था। फेडरर के नाम 310 हफ्ते तक नंबर-1 रहने का रिकॉर्ड दर्ज है। हालांकि, जोकोविच ने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया था। फेडरर से ज्यादा ग्रैंडस्लैम राफेल नडाल (22), नोवाक जोकोविच (21) ने जीते हैं।
फेडरर ने 28 जनवरी 2018 को अपना आखिरी (20) ग्रैंड स्लैम खिताब जीता था। तब उन्होंने खिताबी मुकाबले में क्रोएशिया के मारिन सिलिच को हराया था। इसके अलावा वह 2008 बीजिंग ओलंपिक में स्वर्ण और 2012 लंदन ओलंपिक में रजत पदक जीत चुके हैं।
कमाई में भी फेडरर रहे अव्वल
फेडरर पिछले महीने सबसे ज्यादा कमाई करने वाले टेनिस खिलाड़ी बने थे। उन्होंने लगातार 17वें साल यह कीर्तिमान हासिल किया था। उनकी कुल कमाई लगभग 718 करोड़ रुपये (90 मिलियन डॉलर) की रही है। फेडरर ने अपनी पूरी कमाई विज्ञापन, बिजनेस और कई इवेंट में शिरकत करके हासिल की है।
हाल ही में विम्बलडन के सेंटर कोर्ट में नजर आए थे फेडरर
फेडरर इस साल विम्बलडन में भी नजर आए थे। दरअसल विम्बलडन के सेंटर कोर्ट के 100 साल पूरे होने पर कई दिग्गजों को बुलाया गया था। फेडरर-नडाल के साथ देखे गए थे। 41 वर्षीय फेडरर पिछले साल जुलाई से ही एक्शन से बाहर हैं। 2020 में हुए घुटने के ऑपरेशन की वजह से फेडरर कोई भी ग्रैंड स्लैम में हिस्सा नहीं ले रहे हैं। पिछला ग्रैंड स्लैम फेडरर ने पिछले साल विम्बलडन में ही खेला था, जब उन्हें क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था।