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पिता की हुई मृत्यु पर देश के लिए खेलेगा राजवीर

Thu, 18 Apr 2013 12:16 AM IST
नई दिल्ली/हेमंत रस्तोगी
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अभी मंगलवार को ही सोनीपत के रामेश्वर सिंह ने भारतीय टीम में शामिल हुए अपने पहलवान बेटे राजवीर सिंह से कहा था कि वह गांव के लोगों के साथ उसका मुकाबला देखने इंदिरा गांधी स्टेडियम पहुंचेंगे।
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आखिर उनका बेटा भारत के लिए बृहस्पतिवार से शुरू हो रही एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में खेलने जा रहा था। लेकिन चैंपियनशिप शुरू होने से महज एक दिन पहले ही रामेश्वर ने यह दुनिया छोड़ दी। पहाड़ सा दुख लिए राजवीर सोनीपत में चल रहे कैंप से अपने गांव गया।

अपने पिता का बुधवार को अंतिम संस्कार करने के बाद यह पहलवान सिर्फ उनकी आत्मा को शांति देने के लिए वापस कैंप में आकर अभ्यास में जुट गया। आखिर उसे बृहस्पतिवार को चैंपियनशिप में खेलने के लिए वजन जो देना है।
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सेना के कुश्ती कोच और राजवीर के बड़े भाई बलवंत सिंह बताते हैं कि वह एशियाई चैंपियनशिप में राजवीर की बाउट देखने के लिए बेहद उत्साहित थे। लेकिन उनका यह सपना पूरा नहीं हो सका।

यही कारण है कि पिता की आत्मा को शांति देने के लिए राजवीर ने इस चैंपियनशिप में खेलने का निर्णय लिया है। अंतिम संस्कार पूरा होते ही उसे सोनीपत में चल रहे कैंप में भेज दिया गया है। आखिर उसे शुक्रवार को ग्रीको रोमन में 74 किलो में देश के लिए खेलना है।

टीम के चीफ कोच हरगोबिंद सिंह और महावीर सिंह भी राजवीर के दुख में शामिल होने के लिए उसके गांव पहुंचे। हरगोबिंद का कहना है कि यह बहुत बड़ा निर्णय है। राजवीर अपने पिता का बेहद दुलारा था। वह इस वक्त किसी से बात नहीं कर रहा है सिर्फ अभ्यास में जुटा है।

सिर्फ राजवीर ही नहीं इस चैंपियनशिप में 96 किलो वर्ग में खेलने जा रहे भीम सिंह के पिता की मृत्यु भी 10 दिन पूर्व हो गई है। लेकिन पिता सतपाल सिंह की पदक की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए भीम भी खेलने को तैयार हो गया है। भीम का कहना है कि कुछ भी हो वह इस चैंपियनशिप में पदक जीतना चाहते हैं।
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