फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज ने नेशनल कैंप में लगाई फांसी

Sat, 04 May 2013 12:08 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट पुणे में वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारियां कर रही इंटरनेशनल तीरंदाज प्रतिमा बोरो ने शुक्रवार को नेशनल कैंप में फांसी लगाकर जान दे दी।
विज्ञापन


इस अति सुरक्षित इंस्टीट्यूट में यह घटना उस वक्त हुई जब आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सेक्रेटरी जनरल अनिल कामयेनी तीरंदाजों की तैयारियों का जायजा लेने उनसे मिलने गए थे।

घटना के बाद दीपिका कुमारी, राहुल बनर्जी, जयंत तालुकदार समेत सभी दिग्गज तीरंदाजों में हड़कंप मच गया। 23 साल की प्रतिमा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
विज्ञापन


आर्मी और स्थानीय पुलिस ने मिलकर मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि असम के कोकराझार जिले की रहने वाली प्रतिमा पिछले कुछ समय से डिप्रेशन की शिकार थीं।

वर्ष 2006 से लगातार देश का प्रतिनिधित्व कर रहीं प्रतिमा वर्तमान में रेलवे में नौकरी कर रहीं थी। भारतीय टीम के कोच रविशंकर के अनुसार शुक्रवार सुबह के सत्र में वह रोज की तरह ट्रेनिंग के लिए आईं और इसके बाद अपने कमरे में लौट गईं। लेकिन सुबह नौ बजे के सत्र के लिए वह नहीं पहुंचीं। जबकि उनके कमरे में रहने वाली दो अन्य तीरंदाज ट्रेनिंग करने गई थीं।

दोपहर को जब ये तीरंदाज कमरे पर पहुंचीं तो वह अंदर से बंद था। उन्होंने आवाजें लगाईं लेकिन जवाब नहीं आया। उन्होंने अपने साथियों को बुलाया। इसके बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर प्रतिमा की लाश पंखे से झूल रही थी। उसने फांसी लगाई थी। इंस्टीट्यूट के अधिकारियों को घटना की तुरंत जानकारी दी गई।

"सुबह सब कुछ सामान्य था, जब 7 बजे तक प्रतिमा ने हमारे साथ सुबह के सत्र में अभ्यास किया। मगर वह 9 बजे के सत्र में अभ्यास के लिए नहीं लौटीं। वह अच्छा महसूस नहीं कर रही थीं। हमें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि ऐसा भी कुछ हो सकता है। वह बेहद मेहनती और अनुशासित तीरंदाज थीं।"
- डोला बनर्जी, ओलंपियन तीरंदाज

"कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अब तक यह पता नहीं लग सका है कि घटना के पीछे क्या कारण हैं। शनिवार की सुबह प्रतिमा के शव को गुवाहाटी भेजा जाएगा। वहीं से इसे कोखराझार ले जाया जाएगा। पुलिस ने प्रतिमा के परिजनों से पूछताछ शुरू कर दी है।"
विज्ञापन

- अनिल कामयेनी, सेक्रेटरी जनरल, आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया

कौन थीं प्रतिमा
:-- वर्ष 2002 में टाटा आर्चरी एकेडमी से अपने कैरियर की शुरुआत की
:-- कैडेट, जूनियर और सीनियर सहित सभी स्तरों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया
:-- फरवरी से जारी इस कैंप में 12 सदस्यीय रिकर्व टीम का हिस्सा थीं प्रतिमा
:-- वर्ष 2009 में शंघाई में हुए विश्व कप स्टेज फोर में भारतीय महिला रिकर्व टीम की सदस्य थीं
:-- वर्ष 2008 में एशियन ग्रां. प्री. में व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें