प्रधानमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों का पदक जीतना देश के लिए बड़ा पुरस्कार है। उन्होंने साथ ही कोचों के प्रयास की भी सराहना की जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए योगदान दिया। मालूम हो कि भारत ने पेरिस पैरालंपिक में अब तक छह स्वर्ण, नौ रजत और 11 कांस्य सहित कुल 26 पदक जीते हैं और वह पदक तालिका में फिलहाल 14वें स्थान पर मौजूद है। भारत का पैरालंपिक में यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारतीय दल ने टोक्यो पैरालंपिक में पांच स्वर्ण सहित कुल 19 पदक जीते थे।
हरविंदर ने रचा था इतिहास
33 वर्षीय हरविंदर ने पैरालंपिक में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय तीरंदाज बनकर इतिहास रचा था। हरविंदर ने इससे पहले टोक्यो पैरालंपिक में कांस्य पदक जीता था। भारत के पैरा जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया था। वह भारत के पहले जूडोका हैं जिन्होंने पैरालंपिक या ओलंपिक में कोई पदक अपने नाम किया है। वहीं, पुरुषों की क्लब थ्रो एफ 51 स्पर्धा में धरमबीर ने स्वर्ण पदक, जबकि प्रणव सूरमा ने 34.59 के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक अपने नाम किया था। इनके अलावा पुरुषों की एफ46 गोला फेंक स्पर्धा में सचिन सरजेराव खिलाड़ी ने 16.32 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक अपने नाम किया था।