पेरिस ओलंपिक के लिए सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं और भारत सहित दुनियाभर के एथलीट इसमें हिस्सा लेने के लिए पेरिस खेल गांव पहुंच रहे हैं। 26 जुलाई से शुरू होने वाले इन खेलों के लिए पेरिस में विशेष तैयारियां की गई हैं, लेकिन वहां के स्थानीय लोगों पर महंगाई की मार पड़ रही है। पेरिस में रहने वाले सभी लोग ओलंपिक के आयोजन से खुश नहीं है क्योंकि इसका उनके दैनिक जीवन पर असर पड़ रहा है। ओलंपिक आयोजन स्थलों के आसपास आवागमन पर भी पाबंदियां हैं जिससे स्थानीय निवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय यातायात हुआ दोगुना महंगा
पेरिस में ओलंपिक के आयोजन के कारण स्थानीय यातायात काफी महंगा हो गया है जिसका असर स्थानीय निवासियों पर पड़ रहा है। स्थानीय यातायात 2.15 यूरो से बढ़कर चार यूरो तक पहुंच गया है और आठ सितंबर को पैरालंपिक के खत्म होने तक यही किराया रहेगा। एक स्थानीय निवासी ने कहा, पेरिसवासियों के लिए ओलंपिक की मेजबानी गर्व का विषय है लेकिन इससे लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर असर नहीं पड़ना चाहिए। स्थानीय यातायात की दरें दोगुनी हो गई है जो अच्छी बात नहीं है।
आधे होटल हैं खाली
ओलंपिक के दौरान होटलों की भारी मांग दिखाई गई जिससे पेरिस के कई लोगों ने कमाई के लिए अपने घरों को किराये पर लगा दिया लेकिन होटलों की उतनी मांग है नहीं। पेरिस में यह पर्यटन का मौसम है लेकिन मांग फिर भी कम है। एक होटल के मैनेजर ने कहा, इस समय हमारे होटल में एक रात का किराया 120 यूरो रहता है लेकिन हम आधे दाम पर लगा रहे हैं। ओलंपिक की मेजबानी हमारे लिए अच्छी नहीं रही। काफी पाबंदियां हैं और कई जगहों पर जाने के लिए क्यूआर कोड चाहिए।
सीन नदी में सुरक्षा उपायों पर उठ रहे सवाल
ओलंपिक के लिए स्थानीय प्रशासन का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट सीन नदी की सफाई था जहां उद्घाटन समारोह, ट्रायथलन और मैराथन तैराकी होनी है। ओलंपिक के इतिहास में पहली बार पानी पर उद्घाटन समारोह हो रहा है जिसमें सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सीन नदी में तैराकी पर 100 साल पहले प्रतिबंध लग गया था लेकिन इसकी सफाई पर डेढ़ अरब यूरो खर्च किए गए। पेरिस के मेयर एन्ने हिडाल्गो ने पिछले सप्ताह बारंबार देरी के बाद आखिरकार डुबकी लगाकर इसे तैराकी के लिए सुरक्षित करार दिया।