पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल करने वाले पहलवानों की मांग के बाद भारतीय कुश्ती महासंघ अब ओलंपिक के ट्रायल कराने के पक्ष में नहीं है। ओलंपिक के लिए काफी कम समय को ध्यान में रखते हुए ट्रायल को टालने का मन बनाया गया है, कुश्ती महासंघ जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा करेगा।
वजन कम करने से पड़ेगा तैयारी पर असर
महासंघ की चयन नीति के अनुसार ओलंपिक कोटा हासिल करने वाले पहलवानों को पेरिस जाने के लिए ट्रायल से गुजरना होगा। ट्रायल के विजेता पहलवानों को ही पेरिस भेजा जाना था, लेकिन ट्रायल के लिए अब ज्यादा समय नहीं बचा है। महासंघ के एक पदाधिकारी के अनुसार पहले उन्हें ट्रायल कराना था, लेकिन ट्रायल कराने का यह सही समय नहीं है। हमारे वैसे ही काफी कम पहलवान ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किए हैं। अगर ट्रायल कराया जाता है तो पहलवानों को वजन कम करना पड़ेगा, जिसका तैयारियों पर विपरीत असर पड़ेगा। ट्रायल के बजाय पहलवानों की विदेश में तैयारियां ठीक रहेंगी।
पहलवान बोले वजन कम करें या तैयारी करें
विश्व क्वालिफायर में ओलंपिक कोटा हासिल करने वाले एकमात्र पहलवान अमन का कहना है कि वह इस वक्त ओलंपिक की तैयारियां करें या फिर ट्रायल के लिए वजन कम करें। वह कई बार अपना वजन कम कर चुके हैं अब ट्रायल के लिए वजन कम करना उन्हें नुकसान पहुंचाएगा। ट्रायल कराने से ओलंपिक की तैयारियों पर फर्क पड़ेगा। एक महिला पहलवान ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि जिन्होंने कोटा हासिल किया है उन्हीं को ओलंपिक में भेजा जाना चाहिए।
कोटा हासिल करने वाले पहलवान जाएंगे हंगरी
महासंघ ने ओलंपिक की तैयारियों के लिए कोटा हासिल करने वाले एकमात्र पुरुष पहलवान अमन (57) और पांच महिला पहलवानों विनेश (50), अंतिम पंघाल (53), अंशु मलिक (57), निशा (68) और रीतिका (76) को अगले माह हंगरी में होने वाले रैंकिंग टूर्नामेंट में भेजने का फैसला लिया है। इसके बाद अमन को तैयारियों के लिए अमेरिका और महिला पहलवानों को जापान भेजे जाने की तैयारी है। ट्रायल नहीं होने की स्थिति में टोक्यो ओलंपिक में रजत जीतने वाले रवि कुमार की उम्मीदें समाप्त हो जाएंगी।