डायरी बनी सहारा
टोक्यो ओलंपिक में 49 भार वर्ग का रजत पदक जीतने वाली मीरा एक और पदक के लिए फूंक-फूंक कर कदम रख रही हैं। इसमें 2015 से तैयार की गई उनके अनुभवों की डायरी खूब मदद कर रही है। जब भी वह थोड़ा निराश होती हैं तो अप्रैल, 2021 के दिनों की तैयारी का हिस्सा खोल लेती हैं। इन पन्नों पर उनकी ओर सेे खुद उकेरे गए शब्द उनमें वापस स्फूर्ति का संचार कर देते हैं। अप्रैल, 2021 में ही उन्होंने एशियाई चैंपियनशिप में 119 किलो का वजन उठाकर क्लीन एंड जर्क में विश्व कीर्तिमान रचा था।
विश्व रिकॉर्ड से मिल रही ऊर्जा
मीरा कहती हैं, बीते कुछ वर्ष चोट के कारण उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे हैं। कई बार नकारात्मकता हावी हो जाती है। ऐसे में कोच विजय शर्मा उन्हें अच्छे दिनों की याद दिलाते हैं। वह डायरी में हर अच्छी बात और तैयारियों को लिखती आई हैं। 119 का विश्व रिकॉर्ड उनके सबसे करीब है। पेरिस की तैयारियों में यह रिकॉर्ड उनमें ऊर्जा भर रहा है। मीराबाई ने टोक्यो ओलंपिक में कुल 202 किलो वजन उठाकर रजत पदक जीता था। स्नैच राउंड में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास 87 किलो वजन का रहा था, जबकि क्लीन एंड जर्क राउंड में उन्होंने 115 किलो वजन उठाया था।
अभी 80 से 85 प्रतिशत वजन उठा रही हैं
पेरिस के लिए मीरा की तैयारियां हटकर हैं। वह और उनके कोच विजय शर्मा उस गलती को नहीं दोहराना चाहते हैं जो हांगझोऊ एशियाई खेलों के दौरान हुई थी। एशियाड से ठीक पहले मीरा ने अपनी क्षमता का 90 से 95 प्रतिशत वजन कंपटीशन से पहले कई बार उठाया। कंपटीशन वाले दिन वह चोटिल हो गईं। उनका इलाज जाने-माने चिकित्सक डॉ. दिनशी पारदीवाला ने किया, लेकिन दर्द का कारण नहीं पता लगा। इसके बाद मीरा ने लंबे समय तक वजन को हाथ नहीं लगाया। पहले उन्होंने अपने शरीर को मजबूत किया और जीरो से शुरुआत की। मीरा के मुताबिक वह अभी वह 80 से 85 प्रतिशत वजन उठा रही हैं।
कड़ा है मुकाबला
मीरा के 49 भार वर्ग में इस बार उनका मुकाबला चीन, रोमानिया, अमेरिका और थाईलैंड की लिफ्टर से है। चीनी लिफ्टर ने हाल ही में थाईलैंड ओपन में 217 किलो वजन उठाया है, जबकि बाकी तीनों लिफ्टर 200 या उससे अधिक वजन उठा चुकी हैं। मीरा का श्रेष्ठ 205 किलो है, लेकिन दिसंबर, 2022 के बाद से उन्होंने 200 किलो वजन नहीं उठाया है। विजय मानते हैं कि दुनिया इस बार मीरा को पदक का दावेदार नहीं मान रही है और यही उनके लिए सकारात्मक पक्ष है।