विनेश, बजरंग और साक्षी
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बजरंग ने एक कविता लिखी, जिसका तात्पर्य है, 'मुझे विश्वास है कि भले ही आपका पदक इस अंधेरे में छीन लिया गया हो, लेकिन आप आज पूरी दुनिया में हीरे की तरह चमक रही हैं। विश्व चैंपियन हिंदुस्तान रुस्तम-ए-हिंद विनेश फोगाट की शान आप देश की कोहिनूर हैं। विनेश फोगाट पूरी दुनिया में विनेश फोगाट बनती जा रही हैं। जो लोग पदक चाहते हैं, वे उन्हें 15 रुपये में खरीद सकते हैं।' इसके अलावा बजरंग ने गुरुवर को विनेश और पत्नी संगीता फोगाट की आंदोलन वाली तस्वील साझा करते हुए लिखा- आजादी दिवस के महापर्व की सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। बजरंग ने लिखा-
माना पदक छीना गया तुम्हारा इस अंधकार में,
हीरे की तरह चमक रही हो आज पूरे संसार में।
विश्व विजेता हिंदुस्तान की आन बान शान
रूस्तम ए हिंद विनेश फौगाट आप देश के कोहिनूर हैं।
पूरे विश्व में विनेश फोगाट विनेश फोगाट हो रही हैं।
जिनको मेडल चाहिए। खरीद लेना 15-15 रू में।
बजरंग, विनेश और साक्षी
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विनेश ने अपनी अपील में मांग की थी कि उन्हें क्यूबा की पहलवान गुजमान लोपेज के साथ संयुक्त रजत पदक दिया जाए जो सेमीफाइनल में उनसे हार गई थी, लेकिन भारतीय पहलवान के अयोग्य करार दिए जाने के बाद लोपेज को खिताबी मुकाबले में भेजा गया। स्वर्ण पदक अमेरिका की सारा एन हिल्डेब्रांट ने जीता। आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने बयान में इस घटनाक्रम पर 'हैरानी और निराशा' व्यक्त की। संस्था ने यूनाईटेड विश्व कुश्ती (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के 'अमानवीय नियमों' की भी आलोचना की जो खिलाड़ियों के शारीरिक और मनोवैज्ञानिक तनाव पर विचार करने में विफल रहे।
विनेश के साथी और टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग पूनिया ने कहा कि उन्हें शनिवार को पेरिस से स्वदेश लौटना है। आईओए ने कहा कि वह कानूनी विकल्प को तलाशना जारी रखेगा लेकिन इस समय यह मामला बंद होता प्रतीत होता है। आईओए ने कहा, 'पेरिस ओलंपिक खेलों में महिलाओं के 50 किग्रा वर्ग में साझा रजत पदक के लिए विनेश के आवेदन को खारिज करने के 14 अगस्त के फैसले का अमल करने वाला फैसला उसके और खेल समुदाय के लिए काफी मायने रखता है।'
आईओए ने बयान में कहा, 'आईओए फोगाट का पूरा समर्थन करता है और आगे के कानूनी विकल्प तलाश रहा है। आईओए विनेश के मामले की सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।' विनेश की अपील खारिज होने का मतलब है कि भारत के अब तक पेरिस ओलंपिक में कुल छह पदक होंगे जिसमें एक रजत और पांच कांस्य पदक शामिल हैं। तीसरी बार ओलंपिक में भाग ले रहीं विनेश ने वजन कम करने के लिए अपने बाल कटवा लिए थे, बिना भोजन और पानी के वह रह रही थीं। साथ ही पूरी रात निर्धारित वजन सीमा के भीतर रहने के लिए कसरत करने में बिताई थी। हालांकि, ये कड़े उपाय भी उन्हें अयोग्य होने से नहीं बचा सके। विनेश ने इसके एक दिन बाद ही खेल पंचाट में अपील दायर की, लेकिन इसके तुरंत बाद विनेश ने भी खेल से संन्यास की घोषणा कर दी।