वर्ल्ड बिलियर्ड्स में भारत के पंकज आडवाणी ने अपनी बादशाहत कायम करते हुए एक नया इतिहास रच दिया है।
आडवाणी ने वर्ल्ड बिलियर्ड्स चैंपियनशिप (टाइम फॉरमेट) के खिताबी जंग में इंग्लैंड के रॉबर्ट हाल को 1928-893 के अंतर से हराकर इतिहास रच दिया।
वह दुनिया के पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने तीन बार ग्रैंड डबल खिताब जीतने का कारनामा किया है। साथ ही इस दिग्गज भारतीय खिलाड़ी ने अपने वर्ल्ड कप खिताब की संख्या बढ़ाते हुए 12 तक पहुंचा दी।
29 साल के बंगलुरू के खिलाड़ी आडवाणी ने पिछले हफ्ते ही अंक आधारित (प्वाइंट फॉरमेट) वर्ल्ड चैंपियनशिप में खिताब जीता था। इससे पहले उन्होंने एक साथ टाइम और प्वाइंट फॉरमेट में खिताब जीतने का कारनामा 2005 और 2008 में किया था।
आडवाणी का यह खिताब इसलिए भी खास है क्योंकि जिस दिन उन्होंने यह इतिहास रचा उस दिन उनकी मां का जन्मदिन था। आडवाणी की मां काजल का बुधवार को जन्मदिन था और चैंपियन बेटे की ओर से उन्हें शानदार तोहफा दिया।
खिताबी मुकाबले में आडवाणी हाफ तक 746-485 से बढ़त बनाए हुए थे, और इसी बढ़त के कारण तीन बार ग्रैंड डबल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं।
आडवाणी के लिए यह साल बेहद शानदार साबित हुआ। इसी साल उन्होंने वर्ल्ड 6-रेड चैंपियनशिप के अलावा वर्ल्ड टीम बिलियर्ड्स खिताब पर कब्जा जमाया था। इस डबल खिताबी जीत से पहले उनके खाते में 10 वर्ल्ड कप खिताब थे।
जीत के बाद आडवाणी ने कहा, "मैंने बंगलुरू में ग्रैंड डबल किया था, लेकिन घर से बाहर जीतना हमेशा बेहद खास होता है। और मैं अपनी भावनओं के बारे में बताने में असमर्थ हूं क्योंकि अभी मैं बहुत क्रेजी हो गया हूं। मैंने इस साल बड़े टूर्नामेंट्स जीतने के लिए काफी मेहनत किया था।"
सेमीफाइनल में आडवाणी ने इंग्लैंड के ही डेविड कॉजियर को 5 अंकों के मामूली अंतर से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। जबकि दूसरे सेमीफाइनल में भारत के बालाचंद्रन भाष्कर को इंग्लैंड के ही रोबर्ट हॉल से 978-824 से हार का सामना करना पड़ा। हॉल पहली बार फाइनल में पहुंचे हैं।