पाकिस्तान पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले भाला फेंक खिलाड़ी अरशद नदीम को देश के दूसरे सबसे बड़े पुरस्कार हिलाल-ए-इम्तियाज से सम्मानित करेगा। इसकी घोषणा शनिवार को की गई। सरकार ने अगले सप्ताह 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अज्म-ए-इस्तेहकाम (स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता) नामक एक स्मारक डाक टिकट जारी करने का भी निर्देश दिया। नदीम ने गुरुवार को पेरिस में 92.97 मीटर के रिकॉर्ड थ्रो के साथ पुरुषों की भाला फेंक प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था।
इस 27 साल के खिलाड़ी ने इस दौरान अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से ओलंपिक का नया रिकॉर्ड कायम किया। यह 40 साल में पाकिस्तान का पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक है। नदीम ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले पाकिस्तान के पहले खिलाड़ी हैं। सरकारी मीडिया के अनुसार, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के निर्देश पर उनके कार्यालय ने औपचारिक सम्मान के लिए मंत्रिमंडल को एक पत्र भेजा।
खेल के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देते हुए राष्ट्रपति एक विशेष समारोह में नदीम को नागरिक पुरस्कार प्रदान करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 14 अगस्त को पाकिस्तान के 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अज्म-ए-इस्तेहकाम नामक एक स्मारक डाक टिकट जारी करने का निर्देश दिया। इसकी डिजाइन में नदीम और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक मीनार-ए-पाकिस्तान की छवि भी है।
पंजाब प्रांत ने 10 करोड़ रुपये के ईनाम की घोषणा की थी
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने अरशद नदीम के लिए 10 करोड़ (पाकिस्तानी) रुपये की नकद पुरस्कार की घोषणा की थी। मरियम ने यह भी कहा था कि इस खिलाड़ी के नाम पर उनके गृहनगर खानेवाल में एक स्पोर्ट्स सिटी बनाई जाएगी। मालूम हो कि राष्ट्रमंडल खेलों (2022) में स्वर्ण पदक और विश्व चैंपियनशिप (2023) में रजत पदक जीतने के बाद भी नदीम को पेरिस ओलंपिक से पहले एक नए भाले के लिए गुहार लगानी पड़ी थी। उनका पुराना भाला वर्षों के उपयोग के बाद खराब हो गया था। शायद इसीलिए नदीम ने गुरुवार को पेरिस से अपने माता-पिता को पहला संदेश दिया कि वह अब अपने गांव में या उसके आसपास एथलीटों के लिए एक उचित अकादमी बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।